पटना की रहने वाली शालिनी इस बात को ले कर अकसर टैंशन में रहती हैं कि नोएडा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा उन का बेटा दिलीप हर महीने जरूरत से ज्यादा रुपए खर्च कर देता है. उस के कालेज, होस्टल और मैस की पूरे सालभर की फीस तो एक बार ही जमा कर दी जाती है. इस के बाद भी मोबाइल रिचार्ज कराने, इंटरनैट पैक डलवाने, होटलों में खाने, पिक्चर देखने और डिजाइनर कपड़े आदि खरीदने में वह 8-10 हजार रुपए अलग से खर्चकर देता है. वे बेटे के बैंक अकाउंट में इतने रुपए रख देती हैं कि वक्तबेवक्त उस के काम आ सके, लेकिन वह सारे रुपए निकाल कर अंटशंट कामों में खर्च कर डालता है. उन्होंने कई बार अपने बेटे को फुजूलखर्च बंद करने के बारे में समझाया. कई दफे शालिनी के पति ने भी बेटे को डांटफटकार लगाई, पर वह अपनी फुजूलखर्ची की आदत से बाज नहीं आ रहा है.

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