घर पहुंच कर मेरे रोष का शिकार बनी शकुंतला. उस ने सिर्फ इतना ही कहा था कि सिर में दर्द है क्या? कहो तो एक प्याला चाय बना दूं?

‘‘नहीं, मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं है. मेरे सिर में दर्द भी नहीं है. हां, तुम मेरे सिर पर इसी तरह खड़ी रहोगी तो सिर फट सकता है.’’

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