‘‘मां का फोन आया था अभीअभी.

2 लाख रुपए मांग रही थीं गुरु महाराज के आश्रम में भवन निर्माण के लिए,’’ मैं ने रश्मि की राय लेनी चाही.

‘‘कब विवेक जागेगा इन का. क्यों इन बाबाओं के पीछे बरबाद होने पर तुले हैं. आप ने यह नहीं बताया कि हम फ्लैट बुक कर रहे हैं.’’

Tags:
COMMENT