रमा तिलमिला उठी. परिस्थिति ने उसे कठोर व असहिष्णु बना दिया था.

बड़ी भाभी की तीखी बातें नश्तर सी चुभो रही थीं. कैसे इतनी कड़वी बातें कह जाते हैं वे लोग, वह भी मुन्ने के सामने. उन की तीखीकड़वी बातों का मुन्ने के बालमन पर कितना दुष्प्रभाव पड़ेगा, यह वे जरा भी नहीं सोचतीं.

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