आयकर विभाग ने सूचना तकनीकी के इस दौर में धोखाधड़ी से करदाताओं को बचाने के लिए कई कारगर तरीके इस्तेमाल किए हैं और इस दिशा में लगातार सुधार की प्रक्रिया जारी है. इसी क्रम में एक कदम आगे बढ़ाते हुए विभाग ने आयकर के संदर्भ में आयकर नहीं देने वाले व्यक्ति तथा कंपनी को भेजे जाने वाले नोटिस में संबद्ध अधिकारी के कार्यालय का फोन नंबर और उस का ईमेल पता लिखना अनिवार्य कर दिया है. नोटिस भेजने वाले अधिकारी के लिए हर बार के पत्राचार में फोन और अपना ईमेल का पता लिखना जरूरी होगा. इस से पत्राचार की प्रामाणिकता बढ़ने के साथ ही धोखाधड़ी से भी बचा जा सकता है.

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