पहाड़ी वादियों में बसा ऋषिकेश इतना खूबसूरत है कि हर  किसी का मन वहां जाने को करेगा. पहाडि़यों के बीचोंबीच अठखेलियां करती गंगा की लहरें व ठंडी आबोहवा हर किसी का मनमोह लेती है तभी तो छुट्टियां शुरू होने से पहले ही लोग ऋषिकेश घूमने का प्रोग्राम बनाना शुरू कर देते हैं. खासतौर से ऋषिकेश किशोरों को बहुत भाता है. वे जम कर यहां मस्ती करते हैं, लेकिन मस्ती और आनेजाने के लिए  जब आप की जेब में एक दिन के लिए सिर्फ 100 रुपए ही हों तो आप को अपनी यात्रा कैसे मैनेज करनी होगी, यह जानना भी बेहद जरूरी है.

अगर किशोर इस तरह से जुगाड़ लगा कर जाएं तो 100 रुपए प्रतिदिन से भी कम खर्च में इस शहर को घूम कर आ सकते हैं.

बैठाएं आनेजाने का जुगाड़

रोहित और उस के फ्रैंड्स आपस में कहीं घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे थे कि इतने में सोहन बीच में आ टपका और घूमने जाने की बात सुनते ही नाच उठा. तभी रोहित उसे टोकते हुए बोला कि यार, जेब में पैसे बहुत कम हैं. तभी सोहन झट से बोल उठा कि मेरे रहते नो टैंशन, हम ऋषिकेश चलते हैं क्योंकि तुम्हें पता ही है कि मेरे पापा की बसें चलती हैं और वे खुद हफ्ते में 3 दिन वहां का चक्कर लगाते हैं. मैं बात कर लूंगा. हम सब उन्हीं के साथ चलेंगे, जिस से हमारी पौकेट भी ढीली नहीं होगी और हम मजा भी कर पाएंगे. सभी सोहन की बात सुन कर जोश से भर गए, क्योंकि उन के आनेजाने का मसला जो सौल्व हो गया था.

पैसेंजर ट्रेन से जाएं

अगर आप के पास ऋषिकेश जाने का कोई जुगाड़ नहीं है तो आप पैसेंजर ट्रेन का रुख करें, जिस में किराया भी कम लगता है और आप पौकेट मनी से मैनेज भी कर पाएंगे.

बैग पैक में खाने को भी करें शामिल

अगर पौकेट में कड़की है तो घर से ही बढि़या खाना बनवा कर ले जाएं, जिस से एक तरफ के खाने का खर्च तो बचेगा ही. कुछ चीजें जैसे मठरी, शकरपारे आदि ले लें ताकि चाय के साथ खा कर गुजारा हो सके. अगर सफर छोटा है तो ब्रैड और जैम भी साथ ले जा सकते हैं. इस तरह बाहर खाने पर आप को पैसे भी नहीं खर्च करने पडेंगे.

शेयरिंग में जाना बैस्ट

कम पैसों में अगर आप अकेले घूमने जाने का मूड बना रहे हैं तो अपना यह आइडिया फ्लौप ही समझें, क्योंकि अकेले व कम पैसों में कहीं बाहर घूमने जाना नामुमकिन है इसलिए आप अपने दोचार दोस्तों को साथ ले लें. इस से फायदा यह होगा कि चीजें मैनेज करने में आसानी होगी और साथ ही खर्च बराबरबराबर बंटने से आप ज्यादा ऐंजौय भी कर पाएंगे.

ठहरने का बंदोबस्त हो सस्ता

घर से तो निकल पड़े घूमने के लिए लेकिन वहां एक रात रुकने की व्यवस्था तो करनी ही पड़ेगी, ऐसे में आप होटल में रुकने के बजाय धर्मशाला में रुकें. ऐसी धर्मशाला ढूंढ़ें जिस में फ्री में रहने की व्यवस्था हो जाए. ऋषिकेश में आप को ऐसी कई धर्मशालाएं मिल जाएंगी, लेकिन आप को 3-4 धर्मशालाओं का चक्कर अवश्य लगाना पड़ेगा.

आश्रम में ठहरें

अगर आप की किसी आश्रम में जानपहचान है तो आप वहां ठहरने के साथसाथ खानेपीने व नाश्ते का जुगाड़ भी कर सकते हैं. बस, शर्त वहां ठहरने की यह होती है कि आप को वहां सफाई और टाइम का ध्यान रखना होगा. अरे भई, जब खानेपीने व रहने का फ्री में बंदोबस्त हो रहा है तो उस के लिए आप इतना तो कर ही सकते हैं. हां, आश्रम में आप पुरोहितों से बचें, क्योंकि कई आश्रमों में पूजा व चढ़ावे के नाम पर पैसा वसूला जाता है. ऐसे में साफ कह दें कि हम तो विद्यार्थी हैं, हमारे पास देने को कुछ नहीं है.

कहां कहां घूमें

यों तो पहाड़ी स्थान पर पगडंडी से ले कर पहाड़ की चोटी तक सौंदर्य बिखरा होता है, लेकिन कुछ परिचित स्थानों पर घूमना आनंददायी एहसास देने के साथसाथ रोमांचक भी साबित होता है. ऋषिकेश में आप इन स्थानों पर सैरसपाटा कर सकते हैं :

लक्ष्मण झूला

लक्ष्मण झूला 450 फुट लंबा ब्रिज है. वहां खड़े हो कर आप मनमोहक दृश्यों को निहार सकते हैं. अगर आप पानी के बीचोंबीच खड़े होने का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो इस झूले पर जरूर जाएं. यह झूला चलने पर हिलता है, जो आप को बहुत ही आनंददायी एहसास देगा.

शिवपुरी

वैसे तो शिवपुरी ऐडवैंचर प्रेमियों के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां आ कर राफ्टिंग जैसे स्पोर्ट्स का मजा लिया जा सकता है. अगर आप भी थोड़ा दिमाग लगाएं तो फ्री फंड में राफ्टिंग कर सकते हैं. जैसे कोई ऐसी फैमिली देख लें जो काफी रिच लगती हो. फिर उन के सामने जा कर पर्स चोरी होने का नाटक करने लगें और मासूम बन कर उन के सामने सिर्फ यही कहें कि अब कैसे पहुंचेंगे घर और कैसे कर पाएंगे राफ्टिंग. तो ऐसे में वे आप पर तरस खा कर आप को राफ्टिंग कराने के साथसाथ कुछ पैसे भी दे देंगे. यह चांस की बात है, अगर तुक्का लग गया तो वारेन्यारे नहीं तो गंगा किनारे बैठ कर लहरों का ही मजा लीजिए. और हां, ध्यान रहे अगर कोई पैसे देने के बजाय पुलिस कंप्लेंट लिखवाने की बात करे तो रहने दें कह कर मना कर दें. कानूनी पचड़ों में न पड़ें.

परमार्थ निकेतन

भले ही आप को लगे कि आश्रम भी कोई देखने की चीज है तो आप को बता दें कि यहां आप को ढेरों ज्ञानवर्धक बातें सीखने को मिलेंगी और वह भी फ्री में. इसलिए ऋषिकेश जाएं तो यहां जाना न भूलें.

नीलकंठ

भले ही यह मंदिर है और आप की धर्म में बिलकुल भी आस्था नहीं है तब भी कोई बात नहीं. आप वहां घूमने के लिहाज से जाएं और वहां का नजारा देखें. यहां जाने के लिए आप को ऋषिकेश से ही जीप या टैक्सी मिलेगी जिस में एक मैंबर का 50-60 रुपए के आसपास एक तरफ का किराया लगता है तो आप ड्राइवर को इस तरह सैट करें कि बीचबीच में गाड़ी हम भी चलाएंगे और आप का रास्ते भर पूरा ऐंटरटेनमैंट करेंगे. अगर मान जाए तो ठीक है नहीं तो वहां सामान लाने लेजाने के लिए टैंपो चलते हैं. उस के ड्राइवर से आप कम पैसों में बात कर के वहां पहुंच सकते हैं.

त्रिवेणी घाट

यह ऋषिकेश का सब से प्रमुख घाट है क्योंकि यहां 3 नदियों का संगम है. इस घाट पर आ कर लोग नहाए बिना नहीं रह पाते तो आप भी ऐंजौय करें.

राम झूला

यह झूला गंगा के एक किनारे को दूसरे किनारे से जोड़ता है. इस से आप यहां की खूबसूरती का नजारा ले सकते हैं.

बोटिंग

ऋषिकेश में बोटिंग की व्यवस्था भी है. अगर आप भी बोटिंग का मजा लेना चाहते हैं तो इस के लिए आप को 5-10 रुपए खर्च करने पड़ेंगे.

कनदीयाला विलेज

कनदीयाला एक छोटा सा विलेज है जो ऋषिकेश से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने जंगलों से घिरा यह गांव समुद्रतल से काफी ऊंचाई पर स्थित है. यहां आने वाले पर्यटक राफ्टिंग का मजा लेने के साथसाथ घनी हरियाली के बीच कुछ पल सुकून के भी बिता सकते हैं.

नरेंद्र नगर

यह जगह ऋषिकेश से 15 किलोमीटर दूर है, जो पुरातात्विक और ऐतिहासिक रूप से महत्त्वपूर्ण है.

कहां खाएं

जब आप दिन में घूमने जा रहे हैं तो आप वहां की मार्केट से गोलगप्पे, पापड़ी, टिक्की, मैगी, नूडल्स आदि खा कर पेट भर लें. परहैड 30 रुपए के करीब खर्च आएगा. अगर आप आश्रम में रुके हैं तब तो आप की रात के खाने की कोई टैंशन नहीं वरना पास के लोकल रैस्टोरैंट में कम पैसे में खा लें.

कैसी हो पैकिंग

अगर आप दोस्तों के साथ घूमने जा रहे हैं तो कोशिश करें कि कम से कम सामान ले कर जाएं. जैसे कपड़े हर दिन के लिए अलगअलग न रखें बल्कि एकदो जोड़ी ही रखें और वहां पर धोने का झंझट न पालें. बैग में साबुन, कंघा, क्रीम, टौवल व एक मोटी चादर रखना न भूलें

कुछ बातों को अमल में लाएं

– पैदल चल कर ज्यादा जगह देखें.

-अपने साथ छोटा तंबू ले कर चलें और खाली खेत या सड़क के किनारे सुरक्षित जगह देख कर वहां टैंट लगा लें व रात गुजारें. सुबह सब समेट कर आगे बढ़ जाएं.

– रास्ते में किसी प्रकार के कानूनी पचड़ों में न उलझें. किसी तरह की समस्या आने पर उसे आराम से निबटाएं.

– अधिकतर जगहें दूर से ही देखें न कि टिकट ले कर अंदर जाने की कोशिश करें