सरिता विशेष

पहाडि़यों की तराई में बसा हुआ खूबसूरत शहर है मनाली. चारों ओर ऊंचीऊंची पहाडि़यों और बीच में बहते झरनों की सायंसायं की आवाजें बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर खींच लेती हैं. हरियाली देख कर पर्यटकों की थकान छूमंतर हो जाती है. सीजन में पड़ने वाली बर्फ का नजारा भी अद्भुत है. समुद्रतल से 2,050 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मनाली व्यास नदी के किनारे बसा है. व्यास नदी में ऐंडवैंचर के शौकीन लोग राफ्टिंग का मजा ले कर अपनी ट्रिप को यादगार बनाते हैं. अगर आप भी वहां ऐसा ही मजा लेना चाहते हैं तो मनाली जरूर जाएं. यहां ठहरने के लिए होटल, रिजौर्ट्स, लौज काफी संख्या में हैं. ठहरने की इन व्यवस्थाओं में एक है हाइलैंड पार्क रिजौर्ट जो बहुत ही आनंददायक व खूबसूरत है. मनाली के हाईलैंड पार्क रिजौर्ट में रुक कर आप का मन प्रफुल्लित हो जाएगा क्योंकि इस रिजौर्ट से ही आप को चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, उन से बहते झरने दिखाई देते हैं. साथ ही, सेबों के बागान देख कर आप खुद को काफी फ्रैश फील करेंगे. आप को रहने, खानेपीने, रिलैक्स करने, घूमने जाने के लिए गाड़ी जैसी सभी सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं.

इस संबंध में रिजौर्ट के एमडी अंबरीश गर्ग बताते हैं, ‘‘रोहतांग पास, सोलंग वैली, तिब्बती मार्केट आदि उन के रिजौर्ट से बहुत नजदीक हैं. सो, यहां ठहर कर आप आसपास के इलाके को आसानी से घूम सकते हैं और प्रकृति को करीब से निहार सकते हैं.’’

अन्य दर्शनीय स्थल

मनाली के आसपास सैलानियों के लिए बहुतकुछ है. आप जब भी वहां जाएं, इन जगहों को निहारना न भूलें:

रोहतांग दर्रा : यह 3,979 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होने के साथसाथ मनाली से 51 किलोमीटर दूर है. स्नो लवर्स को यह जगह खास लुभाती है क्योंकि यहां आ कर वे स्नो स्कूटर, स्कीइंग, माउंटेन बाइकिंग और ट्रैकिंग जैसी ऐडवैंचरस गतिविधियों को अंजाम दे कर खुद को सुकून जो पहुंचाते हैं. यहां आने का सब से अच्छा समय मई से जून और अक्तूबर से नवंबर का है. यहां आ कर प्रकृतिप्रेमी ग्लेशियर्स और लाहौल घाटी से निकलने वाली चंद्रा नदी के खूबसूरत नजारों को न देखें, ऐसा नहीं हो सकता. सिर्फ इतना ही नहीं, रोहतांग पास जाते हुए आप को रास्ते में राहाला वाटरफौल दिखेगा जो मनाली से 16 किलोमीटर की दूरी पर है. वहां के नजारे मनमोहक हैं. आप इन दृश्यों के बीच सैल्फी लेने का लुत्फ उठा सकते हैं.

चंद्रखानी पास : ट्रैकिंग के शौकीन इस जगह पर आना न भूलें. यह जगह समुद्रतल से 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां के पहाड़ों की खूबसूरती पर्यटकों को खुद ही इस जगह की ओर खींच लेती है.

सोलंग घाटी : ग्लेशियर्स और बर्फ से ढके पहाड़ों का अद्भुत नजारा आप को सोलंग घाटी में देखने को मिलेगा. यह मनाली से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. स्कीइंग के लिए मशहूर यहां की ढलानों पर पर्यटक इस खेल का खूब मजा लेते हैं. स्कीइंग के शौकीनों के लिए यहां आने का परफैक्ट समय दिसंबर से जनवरी के बीच है. इस के लिए यहां पर कैंप भी आयोजित किए जाते हैं. यहां पर पैराशूटिंग, पैराग्लाइडिंग और हौर्स राइडिंग जैसे खेलों को जी भर कर खेल सकते हैं. यानी गरमी हो या सर्दी, ऐडवैंचर प्रेमियों को यहां से निराश हो कर नहीं जाना पड़ेगा.

नेहरू कुंड : रोहतांग मार्ग पर बना यह सुंदर प्राकृतिक झरना मनाली से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां सुबहशाम सैलानियों का जमावड़ा लगा रहता है. यह जगह खासकर से प्रकृतिप्रेमियों के लिए है.

नागर किला : नागर किला मनाली से थोड़ी दूरी पर है. इस में रशियन आर्टिस्ट निकोलस रोरिक की पेंटिंग्स की ढेरों कलैक्शंस देखने को मिलेंगी. इसलिए प्रकृतिप्रेमी के साथसाथ कलाप्रेमी भी बनिए और इस जगह को देखे बिना न लौटें.

कोठी : मनाली से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोठी से पहाड़ों का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है. ऊंचाई से गिरते झरने बरबस ही सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं

मणिकरण : मणिकरण भी बहुत खूबसूरत जगह है. हर जगह ठंडा पानी है लेकिन नदी का एक हिस्सा ऐसा भी है जहां पर गरम पानी है.

कुल्लू : मनाली से कुछ दूरी पर ही कुल्लू घाटी है. कलकल करती नदियों, पहाडि़यों से गिरते झरने, देवदार के घने वृक्ष कुल्लू घाटी के प्राकृतिक सौंदर्य में चारचांद लगाते हैं.

कब जाएं

मानसून के मौसम को छोड़ कर आप कभी भी मनाली घूमने जा सकते हैं. सुहावने मौसम में आप को वहां घूमने और ऐडवैंचर करने में जो मजा आएगा, शायद उस का बयान आप शब्दों में भी न कर पाएं.

क्या खाना न भूलें

हिल पर घूमने जाएं और डट कर न खाएं, ऐसा नहीं हो सकता. अगर आप मनाली ट्रिप को पूरी तरह ऐंजौय करना चाहते हैं तो वहां की लोकल व फेमस डिशेज को खाए बिना न रहें जिन में सब से प्रसिद्ध है धाम. धाम खासकर त्योहारों व शादियों के अवसर पर परोसा जाता है जिस में चावल के साथसाथ दही व कई सब्जियां होती हैं. यह आप को वहां के लोकल फूड रैस्टोरैंट्स पर मिल जाएगा इस के अतिरिक्त आप वहां पर रैड राइस भी खा सकते हैं. इन्हें रैस्टोरैंट्स व ढाबों में किसी सब्जी के साथ ही परोसा जाता है, ये खाने में इतने टेस्टी होते हैं कि आप इसे एक बार नहीं, बल्कि कई बार खाना पसंद करेंगे. इसी के साथ आप वहां की चिली मौर्निंग और इवनिंग में सड़कों पर घूमते हुए मसाले वाला औमलेट व गरमागरम अदरक व इलायची वाली चाय का भी लुत्फ उठाएं. अगर आप चावल खाने के शौकीन हैं तो उसे हींग वाली कढ़ी के साथ ट्राई करना न भूलें. बाकी आप की पसंद पर निर्भर करता है कि आप क्या खाना पसंद करते हैं. वैसे, आप को वहां हर तरह की डिशेज आसानी से मिल जाएंगी.

कहां से करें खरीदारी

पहाड़ों और नदियों के अलावा मनाली तिब्बती मार्केट के लिए भी खासा प्रसिद्ध है. यहां से आप हाथ से बनी चीजें खरीद सकते हैं. इसी तरह माल रोड जो बहुत ही पौपुलर है, वहां आप को वूलन कैप्स, शौल्स, ज्वैलरी, वुडन फर्नीचर, इयररिंग्स आदि सभी कुछ बहुत ही उचित दामों पर मिल जाएगा. तो फिर तैयार हैं न आप मनाली जाने के लिए.   

कैसे पहुंचें मनाली

आप यहां रेल, बस, प्लेन किसी से भी जा सकते हैं. यह आप की चौइस और पौकेट पर निर्भर करता है. अगर आप समय की बचत कर मनाली में ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहते हैं तो आप वायुमार्ग द्वारा मनाली पहुंच सकते हैं. मनाली से 10 किलोमीटर की दूरी पर भुंतर हवाईअड्डा है जहां से आप को मनाली पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा. मनाली पहुंचने के लिए आप जोगिंदर नगर रेलवेस्टेशन पर उतर सकते हैं. इस के अतिरिक्त आप रेल द्वारा चंडीगढ़ या अंबाला पहुंच कर वहां से मनाली के लिए बस या फिर टैक्सी भी ले सकते हैं. मनाली दिल्ली से 570 किलोमीटर की दूरी पर है. यह शिमला से सीधे सड़कमार्ग से जुड़ा है. दिल्ली, शिमला, चंडीगढ़ से मनाली के लिए हिमाचल परिवहन निगम की बसें भी उपलब्ध हैं.