आजकल सभी ईकौमर्स कंपनियों में ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींचने की होड़ लगी है. यही कारण है कि ग्राहकों को रिझाने के लिए कंपनियों ने औफर्स की भरमार लगा दी है. सभी का दावा है कि वो अगले से बेहतर डील दे रही हैं. वहीं ग्राहकों के लिए चुनना मुश्किल है कि वो जाएं किस तरफ. पर डील और औफर्स की लड़ाई में कई महत्वपूर्ण बातें लोगों के ध्यान में नहीं रहती और इसका फायदा साइबर फ्राड और उचक्के उठाते हैं. इस लिए हम लाए हैं आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें जिनकों ध्यान में रखने से आप साइबर फ्राड और चोर उचक्कों से बच सकेंगे.

  • स्पेसिफिकेशन के बारे में प्रोडक्ट के आधिकारिक वेबसाइट से पता करें 

अपने प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा बेचने के लिए कई बार ईकौमर्स कंपनियां प्रोडक्ट के बारे में गलत जानकारी डालती हैं. इस लिए ये जरूरी है कि कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले आप उसके स्पेसिफिकेशनस् के बारे में उसके आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर देख लें.

  • रिव्यू और रेटींग जरूर देखें

जब आप कोई सामान खरीदते हैं तो उसके स्पेसिफिकेशनस् ही नहीं बल्कि यूजर रेटींग भी गौर से देखें. इससे आप प्रोडक्ट के गुणवत्ता के बारे में और बेहतर ढंग से जान सकेंगे.

  • http और लौक साइन का ध्यान रखें

किसी भी वेबसाइट से खरीदारी के बाद पेमेंट करते वक्त ध्यान रखें कि लिंक अड्रेस के टैब में http जरूर लिखा हो. इसके अलावा इस बात का भी ध्यान दें कि उस टैब में लौक साइन ना हो. कई फ्राड और साइबर चोर उचक्के, फर्जी वेबसाइट बना कर पेमेंट में गड़बड़ियां करती हैं.

  • प्राइज कंपेयर जरूर करें

सेल और औफर्स की आड़ में ईकौमर्स कंपनियां बेस प्राइज बढ़ा कर डिस्काउंट देती हैं. ऐसे में ग्राहकों के लिए अच्छा होगा कि वो कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसके प्राइज को अन्य वेबसाइटों पर जरूर कंपेयर कर लें.

  • वारंटी

कोई भी प्रोडक्ट खरीदने से पहले, खास कर के इलेक्ट्रौनिक प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसके पार्टस्, एक्सेसरिज की वारंटी, और उसके नियम और शर्तों पर ध्यान दें.

  • औफर्स

एक समय पर वेबसाइटस् कई औफर्स देते हैं. कुछ औफर्स बैंको से पेमेंट मेथड पर होते है. तो इन औफर्स को ध्यान में रखें और इनका उपयोग करें.

  • रिफंड और रिटर्न का ख्याल रखें

खरीदारी करते वक्त रिफंड और रिटर्न की शर्तों का ख्याल रखें. कुछ प्रोडक्ट पर 10 दिनों की रिफंड और रिटर्न पालिसी होती है तो कुछ की 30 दिनों की होती है.

  • कहीं प्रोडक्ट सेकेंड हैंड तो नहीं

आजकल ईकौमर्स वेबसाइटों पर सेकेंड हैंड प्रोडक्टस भी मिलते हैं. हालांकि रिफर्बिश्ड प्रोडक्टस की जानकारी वेबसाइट्स देती हैं. पर ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप इन बातों पर ध्यान दें.