सरिता विशेष

सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों ने वकालत के पेशे को लेकर चिंता जताई है. न्यायधीशों का कहना है कि अब अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ना आसान नही है. आज के समय में वकालत का पेशा इतना महंगा हो गया है कि यह गरीब आदमी की पहुंच से तो बिल्कुल ही बाहर हो चुका है. जजों का भी मानना है कि कोर्ट में चल रहे केसों की न्यायकि प्रक्रिया इतनी धीमी है कि लोग अब इस बात से आश्वस्त हो गए हैं. लिहाजा अब कोर्ट- कचहरी के चक्कर लगा रहे लोग भी यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि कोर्ट में चल रहा उनका केस उनके जीवनकाल में खत्म होगा भी यह नहीं.

अगर आप कोर्ट में चल रहे केस को लड़ने में असमर्थ हैं तो अब आपको ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अब आप एक ऐप की सहायता से एसे केसो को लड़ने में मदद पा सकता हैं. आइये जानते हैं इस ऐप के बारे में-

लंबे केसों का इस ऐप से होगा समाधान

अगर आप अदालत में अपना केस लड़ने में असमर्थ है तो आपकी मदद करेगा advok8.in Third party litigation funding ऐप. यह ऐप ना केवल आपकी कानूनी रूप से सहायता करेगा बल्कि आर्थिक मदद भी करेगा. Advok8 के मार्केटिंग हेड सौरव कुमार सिन्हा का कहना है कि हमारा लक्ष्य देश में लोगों को कानूनी रूप से जागरूक एवं सजग करना है.

अपने ऐप के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा की अभी तक 10000 से ज्यादा वकील उनके साथ जुड़ चुके हैं और ऐप पे दी जाने वाली टेक्नोलौजी से वकीलों की कार्यक्षमता में बढ़ावा हुआ है और उनका काम पहले से ज्यादा सुचारु रूप से चल रहा है. इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर पर जाकर प्ले स्टोर से डाउनलोड कर इंस्टौल कर सकते हैं और आसानी से इस ऐप का लाभ उठा सकते हैं.

कंपनी के फाउंडर ने इस बात पे जोर डाला की उनका प्रोजेक्ट जटिल प्रक्रिया को सरल बनाना और भविष्य में लीगल इंशोरेंस और लीगल काल सेंटर जिससे दर्ज केसों की संख्या में गिरावट आने पे केंद्रित है. उन्होंने बताया की दीपक गोयल जो की एक एंजल इन्वेस्टर है से उन्हें सीड फंडिंग मिल चुकी है और आने वाले दो महीनो में राउंड A की संभावना बड़ी प्रबल है. केवल 15 दिनों के अंतराल में 70 से ज्यादा केसेस दर्ज हो चुके है और काम जारी है.