अगर आप व्हाट्सऐप या स्काइप पर वीडियो कौल करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि पौर्न इंडस्ट्री की नजर आजकल आपकी वीडियो कौल्स पर है. साइबर सेल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पौर्न इंडस्ट्री लोगों की वीडियो कौल टैप कर रही है और उन्हें पौर्न साइट पर अपलोड कर रही हैं. साइबर सेल के अनुसार, हाल के दिनों में ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें लोगों की निजी वीडियो कौल पौर्न साइट पर अपलोड कर दी गई है. नए शादीशुदा जोड़े और डिस्टेंस रिलेशनशिप वाले कपल पौर्न इंडस्ट्री के खासतौर पर निशाने पर हैं.

कैसे होती हैं वीडियो कौल हैक

हाल ही में 25 साल की एक महिला ने, जिसकी बीते नवंबर में ही शादी हुई थी, साइबर सेल में एक शिकायत दर्ज करायी है. अपनी शिकायत में महिला ने कहा है कि उसके पति के साथ की गई एक निजी वीडियो कौल को किसी ने हैक करके पौर्न साइट पर अपलोड कर दिया है. अब महिला ने साइबर सेल से इस वीडियो को सभी पौर्न साइट से हटाने की विनती की है. एक साइबर विशेषज्ञ का कहना है कि वीडियो कौल आईपी एड्रेस की मौनिटरिंग करके आसानी से हैक की जा सकती है.

technology

ऐसे में यूजर्स के साथ-साथ हैकर्स भी लाइव वीडियो कौल देख सकते हैं. आईपी एड्रेस मौनिटरिंग के अलावा मोबाइल वायरस की मदद से भी वीडियो कौल टैप की जा रही हैं. वीडियो कौल हैक करने के बाद ये वीडियो पौर्न इंडस्ट्री को बेच दी जाती हैं और जब तक इस बारे में पता चलता है, तब तक यह वीडियो काफी लोगों के पास पहुंच चुकी होती है. साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि लाइव वीडियो कौल सुरक्षित नहीं है और आजकल हैकरों के लिए यह सबसे पसंदीदा और आसान काम है.

मोबाइल ऐप से भी हो सकता है नुकसान

साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि कई मोबाइल ऐप भी आपका फोन हैक होने के लिए जिम्मेदार होती हैं. कई ऐप आपके मोबाइल कैमरे और माइक्रोफोन का डाटा कैप्चर कर लेती हैं. जिसके बाद हैकरों का काम आसान हो जाता है. वहीं कुछ स्क्रीन रिकौर्डिंग ऐप की मदद से भी लाइव वीडियो कौल हैक होने का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों के वाई-फाई का इस्तेमाल भी हैकरों का काम आसान कर देता है.

ऐसे बचें हैकरों से

साइबर विशेषज्ञों की सलाह है कि सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई का इस्तेमाल ना करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक ना करें. इसके अलावा गूगल स्टोर से ही ऐप इंस्टौल करें और फोन में मजबूत पासवर्ड लगाएं, ताकि आपका फोन आसानी से हैक ना हो पाए. साइबर कानून विशेषज्ञों के अनुसार, बदनामी के डर से कई महिलाएं अपनी शिकायत को एफआईआर में तब्दील नहीं करती, जिस कारण अपराधी आसानी से बच निकलते हैं. इससे ना सिर्फ अपराधी बच निकलते हैं बल्कि उनकी हिम्मत और ज्यादा बढ़ जाती है. ऐसे में कह सकते हैं कि सावधानी ही बचाव है.