सरिता विशेष

सिम स्वैपिंग की कई सारी घटनाएं आपने सुनी होगी. हाल ही में सिम स्वैप करके कई लोगों को लाखों रूपये का चूना लगाया गया है. अब सवाल यह है कि आखिर सिम स्वैपिंग क्या है और इसके जरिए किस तरह लोगों को चोर ठग रहे हैं. तो आइए जानते हैं इसके बारे में.

सिम स्वैप का मतलब सीधा सा है कि सिम कार्ड को नए सिम से बदल दिया जाए. आपकी टेलीकौम कंपनी को एक मैसेज करके आपके मौजूदा सिम को निष्क्रिय किया जा सकता है और नए सिम के जरिए आपको ठगा जा सकता है.

चोर ऐसे करते हैं आपके सिम का इस्तेमाल

सबसे पहले ठग आपको एक नए नंबर से कौल करते हैं और खुद को आपकी टेलीकौम कंपनी का कर्मचारी बताते हैं. ये ठग आपको फोन पर कौल ड्रौप और इंटरनेट चलाने में आने वाली समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाते हैं. ये आपको 4जी सिम घर पर पहुंचाने का भी वादा करते हैं. अपनी बातों में फंसाकर ये ठग आपसे सिम कार्ड का 20 अंकों वाला एक खास नंबर पूछते हैं जो कि सिम कार्ड के पीछे लिखा होता है.

20 अंकों वाला सिम नंबर बताने के बाद…

20 अंकों वाला सिम नंबर बताने के बाद आपके सिम स्वैप के लिए एक मैसेज आता है. अब आपसे ये ठग पुष्टि के लिए 1 दबाने को कहते हैं. इसके बाद असली खेल शुरू होता है, क्योंकि कंपनी को लगता है कि आपने ही नए सिम के लिए आवेदन किया है.

इसके बाद आपका सिम काम करना बंद कर देता है और नेटवर्क चला जाता है. खास बात यह है कि जैसे ही आपके नंबर से नेटवर्क गायब होता है, ठीक उसी समय ठग के पास मौजूद आपके नंबर के नए सिम पर नेटवर्क आ जाता है.

दरअसल इस तरह की ठगी में ठग के पास आपका बैंक अकाउंट नंबर या एटीएम कार्ड नंबर पहले से होता है, बस जरूरत होती है तो एक ओटीपी की और यह ओटीपी उसके सिम स्वैप करने से मिल जाता है. इसके बाद वह आपके नंबर पर ओटीपी मंगाता है. और इस तरह से आपको हजारों लाखों का चूना एक झटके में लग जाता है. कई परिस्थितियों वे धोखेबाज आपसे मोबाइल नंबर के साथ आधार नंबर भी मांगते हैं.

कई बार ये ठग आपको इतना परेशान कर देते हैं कि आप गुस्से में आकर फोन ही बंद कर देते हैं और इसी का वे इंतजार करते हैं ताकि लेनदेन होने पर आपके नंबर पर मैसेज ना आए और आपको कुछ पता ही ना चले. ऐसे में अपना मोबाइल किसी भी कीमत पर बंद ना करें.