सरिता विशेष

सैल्फी के प्रति लोगों में दीवानगी तो काफी समय से देखी जा रही है लेकिन यह दीवानगी बीमारी बन जाएगी किसी को इस बात का पता नहीं था. अभी हाल ही में इंगलैंड में लंकाशायर में एक चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब वहां रहने वाली वेकी वार्टन ने दुनिया से फेसबुक के जरिए गुजारिश की कि वे मेरी बेटी जिसे सैल्फी लेने की बुरी लत लग गई है को इस खतरनाक बीमारी से बचा लें. असल में उन की बेटी कैटलिन अपने आप को खूबसूरत दिखाने के लिए एक दिन में 100 बार सैल्फी क्लिक करती है और जब उसे लगता है कि इस सैल्फी में वह बेहद खूबसूरत लग रही है तो उसे फेसबुक पर अपलोड कर देती है.

इस के लिए वह सिर्फ पोज ही नहीं देती बल्कि हर सैल्फी के लिए अलगअलग तरीके का मेकअप करती रहती है ताकि कोई भी उस की सैल्फी देख कर कमी न निकाल पाए और सब के मुंह से वाह क्या खूबसूरत लड़की है सिर्फ यही निकले.

सुंदर दिखने की चाहत में वह खाना तक स्किप कर देती है क्योंकि उसे लगता है कि वह सुंदर सिर्फ पतली रह कर और मेकअप कर के ही दिख सकती है. बारबार कमर मापना कि कहीं वजन तो नहीं बढ़ गया उस की दिनचर्या में शामिल हो गया है. इस से उस की पढ़ाई चौपट होने के साथसाथ इस का असर उस के दिमाग व शरीर पर भी दिखने लगा है. जब उस की मां अपनी बेटी को इस हाल में देखती है तो परेशान हो कर उसे समझाने की कोशिश करती है कि तुम बिना मेकअप ही ख्ूबसूरत लगती हो और तुम्हें किसी के सामने अपनी खूबसूरती का प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है तो वह इस बात को भी हवा में उड़ा कर अपना वही पुराना रुटीन जारी रखती है. अगर कोई उसे यह बोल दे कि आज तो तुम थोड़ी मोटी लग रही हो तो फिर तो वह इतनी परेशान हो जाती है कि घर में किसी से भी उस का दुख देखा नहीं जाता.

वह खुद की खूबसूरती बढ़ाने के लिए मौडलों, टीवी शोज को देखती रहती है ताकि वहां से ब्यूटी के नए टिप्स मिल कर वह अपनी खूबसूरती को और बढ़ा सके. उस के फ्रैंड्स भी उसे इस आदत के लिए टोकते हैं लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं. उसे देख कर सिर्फ ऐसा लगता है कि उसे सिर्फ सैल्फी से प्यार हो गया है. किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि 11 साल की उम्र में सैल्फी लेने का शौक उसे बीमारी की ओर धकेल देगा.

बात अगर सैल्फी की दीवानगी तक होती तो भी ठीक था पर इस के क्रेज में युवा अपनी जान गंवा रहे हैं यानी यह जान की दुश्मन बनती जा रही है.

ऐसे देती है मौत को न्योता

सैल्फी जहां हमें बीमारी की ओर धकेल कर हमारी पर्सनैलिटी को प्रभावित कर रही है वहीं ये हमें मौत के करीब भी ले जा रही है. क्योंकि हम सैल्फी के दीवानेपन में कहीं भी सैल्फी लेने से गुरेज नहीं करते, चाहे इस के लिए हमें ट्रेन की छत या फिर नदी के सब से खतरनाक किनारे पर जा कर ही क्यों न खड़ा होना पड़े यानी हर हाल में बैस्ट सैल्फी होनी चाहिए चाहे उस के लिए जान ही क्यों न चली जाए.

इसी सैल्फी प्रेम के चलते अभी हाल ही में मिर्जापुर और सहारनपुर में 3 युवकों ने रेलवे टे्रक पर अपनी जान गंवा दी. हैरानी की बात यह है कि उन्हें ट्रेन के अपने करीब आने का जरा भी एहसास नहीं हुआ. अगर वे सैल्फी के चक्कर में होश न खोते तो उन्हें यों जिंदगी को अलविदा न कहना पड़ता.

ये कोई पहला या दूसरा मामला नहीं है बल्कि इस से पहले भी कई लोग इस का शिकार हो चुके हैं जिस का विवरण इस प्रकार हैः

  1. अप्रैल, 2014 में सेंट पीर्ट्सबर्ग में 17 साल का रशियन फोटोग्राफर सैल्फी लेने के चक्कर में ट्रेन की छत पर जा चढ़ा और इस दौरान उस का संतुलन बिगड़ने से वह गिर पड़ा, जिस से उस की मौत हो गई.
  2. मई, 2014 में एक युवक सैल्फी के चक्कर में इतना पागल हो गया कि वह चलती बाइक पर पोज बनाबना कर सैल्फी लेने लगा. इस दौरान वह यह भी भूल गया कि इस से उस का संतुलन बिगड़ सकता है. हुआ वही जिस का डर था. सैल्फी के चक्कर में वह बाइक से गिर गया और उस की दर्दनाक मौत हो गई.
  3. मई, 2014 में केरल में एक युवक ट्रेक पर स्टाइल मारता हुआ सैल्फी क्लिक कर रहा था कि इतने में ट्रेन आ गई और वह उस की चपेट में आ गया.
  4. अक्तूबर, 2014 में फिलीपींस में एक युवती अपने फ्रैंड्स के साथ बीच पर सैल्फी ले रही थी कि अचानक आई तेज लहरें उसे अपने साथ बहा कर ले गईं.
  5. मार्च, 2015 में रशियन यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएट युवक ब्रिज पर खड़ा हो कर सैल्फी क्लिक कर रहा था कि संतुलन बिगड़ने से वह ब्रिज से नीचे गिर गया और उस की मौत हो गई.
  6. अगस्त, 2015 में विलासिका दी ल सागरा में एनुअल बुल रनिंग फैस्टिवल में एक युवक जानवरों के साथ सैल्फी लेने के प्रयास में मौत का शिकार हो गया.
  7. जनवरी, 2016 में फिलीपींस में एक 19 साल का स्टूडैंट सैल्फी के चक्कर में 20 मंजिला अपार्टमैंट से गिर गया, जिस से उस की मृत्यु हो गई.
  8. ये सभी हादसे उन के साथ हुए जो खुद से ज्यादा सैल्फी से प्यार करते थे.

ऐक्सैसरीज फोर सैल्फी

अभी तक तो फ्रंट कैमरे वाले मोबाइल ने ही युवाओं को पागल किया हुआ था लेकिन अब सैल्फी के प्रति उन की बढ़ती रुचि को देखते हुए मार्केट में अब सैल्फी ऐक्सैसरीज जैसे सैल्फी स्टिक, सैल्फी स्टैंड भी आ गए हैं, जिस से इस ओर झुकाव और ज्यादा बढ़ गया है.

इस से उन्हें लगने लगा है कि वे खुद की और बेहतर सैल्फी खींच कर अपने ग्रुप में छा सकते हैं. भले ही इस से आप सैंटर अटै्रक्शन बन जाएं लेकिन ये आप को सैल्फी मेनिया की ओर धकेल रहा है जिस से आप अनजान हैं. इसलिए समय रहते संभल जाएं.

कई डीमैरिट भी

  1. खुद को ले कर हर समय कौशंस रहते हैं.
  2. सैल्फी के चक्कर में बाकी चीजों से ध्यान भटकता है.
  3. अगर सैल्फी अच्छी नहीं आती हो तो तनाव में रहने लगते हैं.
  4. सैल्फी हमें अनसोशल बनाती है.
  5. ऐंजौयमैंट को खत्म करती है.
  6. किसी भी तरह का खतरा मोल लेते हैं.

एक सच यह भी

भले ही सैल्फी के कई नुकसान हैं लेकिन हम इस बात को भी इग्नोर नहीं कर सकते कि हम सैल्फी के माध्यम से खुद को देख कर अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं. क्योंकि अगर हमें लगता है कि हम अच्छे लग रहे हैं तो हमारा कौंफिडैंस तो बढ़ता ही है साथ ही हम जहां जा रहे होते हैं वहां भी खुद को बेहतर ढंग से प्रैजेंट कर पाते हैं. हमें यह बात माननी होगी कि हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं लेकिन जब हम किसी भी चीज की अति करते हैं तो हमें सिर्फ नुकसान ही उठाने पड़ते हैं. ठीक यही बात टैक्नोलौजी के संदर्भ में लागू होती है. अगर हम इस का प्रयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करेंगे तो यह हमारे लिए वरदान साबित होगी वरना ये हमें विनाश की ओर ले जाएगी. इसलिए संभल कर लें सैल्फी.