आपकी पसंद क्‍या है? आपके लिए सबसे जरूरी बात क्‍या है, जिसे आप जानना चाहते हैं, ऐसी कौन सी बात है जिसका मूल्‍य आपके लिए आपकी जिंदगी में सबसे खास है? इसे कोई सबसे बेहतर जानता है, तो वह स्‍वयं आप हैं, और हम में से हर कोई ऐसा ही होता है. जैसे कि हर इंसान का डीएनए अलग होता है, उसी तरह से लोगों की पसंद-नापसंद भी अलग-अलग होती है. और आजकल डिजिटल वर्ल्‍ड में आपकी पसंद के आधार पर ही नए प्रोडक्‍ट लाए जा रहे हैं और उसको आपकी जरूरत के हिसाब से अपडेट किया जा रहा है. फेसबुक और गूगल,एप्‍पल आजकल यहीं कर रहे हैं.

फेसबुक की न्‍यूजफीड देख लीजिए, फेसबुक ने जो ताजा बदलाव किए हैं वह यूजर की पसंद के आधार पर किया है और उसे इस बात की आजादी दी है कि वह अपनी वॉल पर किस तरह के कंटेट, फोटो या वीडियो देख सकता है और यह सब करते समय फेसबुक ने अपने यूजर की पसंद को आधार बनाकर चीजें तय कीं.

फेसबुक का लक्ष्‍य क्‍या है, बहुत सिंपल सी बात है वह अपने यूजर को फीलगुड अनुभव देना चाहता है और लोकतांत्रिक आजादी जिसमें वह अपनी फेसबुक वॉल पर चीजें खुद तय कर सके. उसे इस बात का पूरा कंट्रोल दिया जाए कि वह अपनी फेसबुक वॉल पर अपनी पसंद की चीज देख सकें. वह उसके दोस्‍त की पोस्‍ट, फोटो, वीडियो या फिर ऐसी न्‍यूज हो सकती है जिसे वह देखना, पढ़ना पसंद करता हो और इन सब बातों के साथ फेसबुक अपने प्रोडक्‍ट को एड मार्केट में अधिक पैसा भी बनाना चाहता है.

फेसबुक का संदेश साफ है अगर आप अपने ब्रांड के लिए फेसबुक यूजर तक पहुंचना चाहते हैं तो आपको फेसबुक यूजर की पसंद के हिसाब से कंटेट पोस्‍ट करना होगा और अधिक यूजर तक पहुंचने के लिए आपको फेसबुक को पहले की अपेक्षा अधिक भुगतान भी करना पड़ेगा.