सरिता विशेष

भारत को डिजिटल बनाने की मोदी सरकार की योजना और नोटेबंदी के परिणामस्वरूप लोग अब पहले के मुताबिक कहीं ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने लगे हैं. यूं तो डिजिटल ट्रांजैक्शन के बहुत से मोड है, जैसे की- नेट बैंकिंग, चेक, ड्राफ्ट, क्रेडिट, डेबिट कार्ड से पेमेंट आदि. लेकिन लोगों को आजकल सबसे आसान तरीका मोबाईल वौलेट का लगता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल नवम्बर के बाद से मोबाइल वौलेट के जरिए ट्रांजैक्शन में कई गुना तेजी आ गई है. इसका एक कारण यह भी है की आजकल सस्ते और बजट स्मार्टफोन लौंच हो रहे हैं, जिसके चलते अधिकतर लोगों के पास मोबाइल होता है. मोबाइल वौलेट से जहां पेमेंट करना आसान है. वहीं, इसका इस्तेमाल करते हुए कुछ सावधानी बरतना जरुरी है. आपको बताते हैं मोबाइल वौलेट का इस्तेमाल करते हुए कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए.

ओटीपी या जानकारी शेयर ना करें

सबसे जरुरी बात तो यह है की ट्रांजैक्शन के लिए आने वाला ओटीपी या मोबाइल वौलेट की जानकारी किसी से भी शेयर ना करें. मोबाइल वौलेट कंपनियां भी अपने यूजर्स को इस बारे में सूचित करती रहती हैं. इसी के साथ यह भी बताया जाता है की किसी का फोन आने पर भले ही वो कंपनी से आए, उससे ओटीपी या वौलेट सम्बंधित जानकारी ना दें.

लौगआउट रखें अकाउंट

अधिकतर लोग अपने फोन मोबाइल वौलेट ऐप में लौगिन कर के रखते हैं. ऐसे में अगर आपके फोन का पासवर्ड ना हो तो कोई भी इसका गलत इस्तेमाल कर सकता है. इसी के साथ आपका फोन खो जाने पर, आपके वौलेट में मौजूद सारा पैसा भी चला जाएगा.

वौलेट में कैश एड करते समय न करें रिफ्रेश या बैक

कभी-कभी वौलेट में अकाउंट से पैसे भेजते समय नेटवर्क दिक्कतों की वजह से थोड़ा समय लग जाता है. ऐसे में उपयोगकर्ता को रिफ्रेश या बैक करने से बचना चाहिए. तब तक कुछ न करें, जब तक आपके पास ट्रांजैक्शन फेल या सक्सेसफुल होने का मैसेज न आ जाए.

ऐप लौक का करें इस्तेमाल

अगर आपने अपने स्मार्टफोन में लौक नहीं लगाया है तो कम से कम ऐप लौक का इस्तेमाल जरूर कर लें. इससे अगर आप मोबाइल वौलेट में हमेशा लौग-इन कर के भी रखेंगे तो वो सुरक्षित रहेगा. लौक ना होने से आपके वौलेट का किसी अन्य के द्वारा इस्तेमाल कर लिए जाने का खतरा पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है.