सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदना जेब के लिए फायदेमंद रहता है. मगर जब भी सेकंड हैंड फोन खरीदने की सोचें, कुछ बातों का ध्यान रखें. इससे न सिर्फ आप अच्छा फोन खरीद पाएंगे, बल्कि अन्य तरह की मुश्किलों से भी बच सकेंगे.

कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए सेकंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते वक्त.

बिल, बॉक्स और एसेसरीज जरूर लें

बिल मांगकर आप यह क्लियर कर सकते हैं कि फोन बेचने वाला आपको चोरी की डिवाइस नहीं दे रहा है. बिल है तो आगे भी इस फोन को बेचने या रिप्लेस करने में आसानी होती है. फिर अगर आप वेरिफिकेशन करना चाहें तो बॉक्स पर आपको IMEI नंबर भी मिल जाता है. अगर आपको ऑरिजनल एसेसरीज नहीं मिली है तो आप बेचने वाले को और पैसे कम करने के लिए भी कह सकते हैं.

ध्यान दें, कहीं चोरी का न हो फोन

कई बार सेकंड हैंड फोन बेचने वाले आपको चोरी का फोन बेच देते हैं. अगर ऐसा हो तो उन्हें फोन का बॉक्स देने के लिए कहें. किसी चोर ने बॉक्स के साथ फोन चोरी किया हो इसके चांस कम ही होते हैं. अगर बॉक्स नहीं हो तो *#06# डायल कर फोन का IMEI नंबर चेक करें. इसके बाद इस नंबर को IMEIdetective.com जैसे वेबसाइट्स पर चेक करें. अगर डिवाइस चोरी का हुआ और उसके मालिक ने उसका नंबर ट्रैकिंग के लिए डाला हुआ तो आप चोरी का फोन खरीदने से बच जाएंगे.

रैम और प्रोसेसर पर दें ध्यान

अब तो 10,000 रुपये से नीचे भी 2जीबी रैम वाले फोन मिलने लगे हैं. इसलिए जरूरी है कि जो भी यूज किया हुआ फोन आप खरीदने जा रहे हैं उसमें कम से कम 2 जीबी रैम हो. लेकिन अगर आपका बजट ही 5000 से 6000 रुपये है तो 1 जीबी रैम वाला फोन ही मिल सकेगा. फोन का प्रोसेसर भी चेक करें. मीडियाटेक प्रोसेसर करीब सालभर पुराने हो गए हैं और इन प्रोसेसर के साथ आने वाले फोन अच्छी परफॉर्मेंस नहीं देते. क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन चिप वाला सेकंड हैंड स्मार्टफोन ढूंढें, वह लंबा चलेगा. इंटेल पावर्ड स्मार्टफोन्स भी अच्छे रहेंगे, लेकिन बैटरी के मामले में दिक्कत हो सकती है.

हार्डवेयर करें चैक

फोन की बॉडी पर ज्यादा निशान हैं या नहीं, स्क्रीन ठीक है या नहीं, यह तो आप देखेंगे ही, लेकिन जरूरत है थोड़ा और ध्यान देने की. अगर आप खुद फोन खरीदने जा रहे हैं तो लैपटॉप और एक यूएसबी केबल लेकर जाएं. लैपटॉप को स्मार्टफोन से कनेक्ट करें और देखें कि वह ठीक से चार्ज हो रहा है या नहीं. और यह भी देखें कि डेटा ट्रांसफर करने में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही. अपना सिम कार्ड डालकर देखें कि नेटवर्क कैच कर रहा है या नहीं. वेब सर्फिंग करें, कुछ ऐप डाउनलोड करें, फोटो खींचकर कैमरा भी टेस्ट कर लें. हर तरह से दुरुसत होन पर ही खरीदें.

सिक्यॉर पेमेंट करें

अगर आप ऑनलाइन फोन खरीद रहे हैं तो पेमेंट हमेशा सिक्यॉर चैनल से ही करें. इससे आपको फोन लौटाने पर पैसा आसानी से वापस मिल जाएगा.

फेसबुक पर खरीदें

इन दिनों चीजें खरीदने-बेचने के लिए फेसबुक बढ़िया जगह बन गया है. यहां आपको फोन बेचने वाले का प्रोफाइल देखने को मिल जाता है. आप उस ग्रुप में उनकी ऐक्टिविटी देख सकते हैं जहां वे चीजें बेच रहे हैं और उसी स्मार्टफोन के लिए दूसरे कितना ऑफर कर सकते हैं, यह भी देख सकते हैं. अगर आपका अनुभव खराब रहा हो तो आप दूसरों को उसके बारे में बताकर उन्हें उस सेलर का शिकार बनने से भी बचा सकते हैं.

फोन वॉरंटी में हो तो रहेगा अच्छा

कई बार खरीदार अपने फोन को हैंडसेट खरीदने के तुरंत बाद अपग्रेड कर लेते हैं. कई बार तो कुछ ही महीनों में अपग्रेड कर लेते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि उन हैंडसेट्स पर ऑफिशियल वॉरंटी अभी भी लागू हो सकती है. इससे आपको बहुत फायदा होगा. इसलिए ऐसे बेचने वालों को ढूंढें जो थोड़ी-बहुत ही सही, वॉरंटी के साथ फोन बेच रहे हों. थर्ड पार्टी वॉरंटी वाले फोन पर भी नजर रखें, इससे कुछ तो डैमेज प्रोटेक्शन मिलेगी ही.

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