गैजेट्स आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं. इस के बिना हम अपनी लाइफ को अधूरा फील करते हैं. क्योकि इस के माध्यम से हम अपने दोस्तों से जुड़े होने के साथसाथ ऐप्स का भी मजा ले पाते हैं. स्मार्टफोन्स, टैबलेट्स, लैपटौप वगैरा पर नैट व ऐप्स का ज्यादा मजा लेने के लिए हमें बैटरी की भी ज्यादा जरूरत पड़ती है, जिस के लिए हम मार्केट से ऐसे गैजेट्स खरीदने की इच्छा रखते हैं जिस की बैटरी लंबे समय तक चल पाए. भले ही हम इस के लिए हजारों रुपए तक खर्च कर डालते हैं लेकिन फिर भी लौंग टाइम तक चलने वाली बैटरी हमें नहीं मिल पाती. सब से ज्यादा झुंझलाहट तब आती है जब हम कहीं बाहर गए होते हैं और वहां हमारे गैजेट की बैटरी खत्म हो जाती है.

ऐसे में दुखी होने और यह सोचने के कि जब हम ने इस गैजेट को खरीदा था तब तो इस की बैटरी ठीकठाक चल जाती थी लेकिन जैसेजैसे यह पुराना होता जा रहा है इस की क्षमता भी घटती जा रही है कुछ नहीं रह जाती.

ऐसे में आप की दोस्त स्मार्ट बैटरी आ रही है जो हर दम आप का पक्के दोस्त की तरह साथ देगी यानी ऐसी बैटरी जो कभी खत्म नहीं होगी. सुन कर भले ही आप को अजीब लगे लेकिन यह सच है. क्योंकि यूनिवर्सिटी औफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने प्रयोग की हुई बैटरी में गोल्ड नैनोवायर का प्रयोग कर बैटरी की उम्र कई लाख गुना बढ़ा दी है. असल में इस का श्रेय जाता है यूनिवर्सिटी औफ कैलिफोर्निया से पीएचडी करने वाली मया ली थाई को. जिन्होंने अपने अथक प्रयास से वो चीज हासिल की जिसे बड़ेबड़े वैज्ञानिक भी हासिल नहीं कर पाए. उन्होंने बैटरी में नैनोवायर फिलामैंट लगाया. गोल्ड नैनोवायर को मैंगनीज डाइऔक्साइड में लगा कर उसे जेल इलैक्ट्रोलाइट जैसे प्लक्सीग्लास में रखा. इस दौरान उन्होंने पाया कि बैटरी की क्षमता को भी नुकसान नहीं पहुंचा और बैटरी की उम्र भी कई लाख गुना ज्यादा बढ़ गई. आप को बता दें कि अधिकांश स्मार्टफोन्स में स्टैंडर्ड लिथियम बैटरीज का यूज किया जाता है जिसे सिर्फ 300-500 बार ही चार्ज किया जा सकता है. क्योंकि लगातार चार्ज करने के कारण ये बैटरीज अपनी क्षमता खो देती हैं. लेकिन थाई के कोटिड नैनोवायर के जेल में इस्तेमाल करने से इस की चार्ज कैपिसिटी बढ़ गई यानी इसे 2 लाख से भी अधिक बार चार्ज किया जा सकता है. तो अब आप को बैटरी खत्म होने की टैंशन लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस तकनीक से बनी रिचार्जेबल बैटरी जीवनभर चलेगी.