धीरे-घीरे चर्चा बटोरने वाले 4-जी स्मार्टफोन की लोकप्रियता कम होने वाली है. चूंकि बाजार में मोबाइल नेटवर्क की पांचवी पीढ़ी यानी 5जी नेटवर्क के भविष्य में आने की बात की जा रही है. इस तकनीक के आने के बाद आप इंटरनेट से केवल 1 सेकेंड में 100 फिल्में एकसाथ डाउनलोड कर सकते हैं.

विशेषज्ञों की माने तो एक नये तरह की क्रांति के सूत्रपात में 5जी तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो कि पूरे विश्व में अनेक क्षेत्रों के अंतर्गत बड़े परिवर्तनों को जन्म देगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह तकनीक विदेशों के साथ भारत में भी विकसित की जा रही हैं. चलिए आपको इसके बारे में जानकारी दिए देते हैं-

5जी तकनीक
वैज्ञानिकों की माने तो 5जी तकनीक पांच साल बाद 2020 में हमारे सामने आ सकती है. उस समय आज का कोई भी स्मार्टफोन उस तकनीक का उपयोग नहीं कर सकेगा. मोबाइल निर्माताओं के सामने 5जी सपोर्टेड मोबाइल बनाने की भी एक बड़ी चुनौती रहेगी. इस तकनीक से आपकी डाटा स्पीड 100 गीगाबाइट्स प्रति सैकेण्ड तक पहुंच जाएगी अर्थात् सौ फिल्में एक साथ एक सैकेण्ड में डाउनलोड हो सकेगी. 5जी तकनीक में न्यू रेडियो एक्सेस (एनएक्स), नई पीढ़ी का एलटीई एक्सेस तथा बेहतर कोर नैटवर्क होगा. इससे डाटा के तीव्र आदान-प्रदान के साथ ही इन फोनों पर इंटरनेट ऑफ थिंग्स या आई.ओ.टी. की सुविधा भी मिल सकेगी.

अगले कुछ वर्षों में भारत में हो सकती है 5जी तकनीक
अगले कुछ वर्षों में भारत में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए 5जी तकनीक लॉन्च हो सकती है. चूंकि कुछ कंपनियां इसकी तैयारियों में जुट चुकी है. यह बात दूसरी है कि फिलहाल अभी तक 2जी/3जी का दौर ही चल रहा है और 4जी तकनीक तो अभी तक शुरुआती दौर में ही है. वहीं बात करें विश्व के दूसरे देशों की तो वहां 5जी तकनीक पर बहुत तेजी से काम हो रहा है.

इंटरनेट में भी 5जी तकनीक का विकास
वैज्ञानिकों को 5जी तकनीक के लिए एक से दो गीगाहट्र्ज की चैनल बैण्ड विड्थ इस्तेमाल करने वाला एंटीना विकसित करना होगा, जोकि वर्तमान में 4 जी के लिए 20 मैगाहट्र्ज ही है. 2020 तक इंटरनेट से कनेक्टेड बहुत सारे नये गैजेट आ सकते हैं. वीडियो ट्रैफिक 22 गुना तक बढ़ जायेगा. स्मार्टफोन टेलीविजन की तरह होंगे जिसमें यूजर्स लाइव फिड्स प्राप्त करते हैं.

मोबाइल भी ऐसी तकनीक वाले होंगे
5जी तकनीक में बहुत बड़ी स्पेक्ट्रम बैण्डविड्थ का इस्तेमाल होगा. फिलहाल अधिकांश मोबाइल एंटीना 10-20 मेगाहट्र्ज बैंडविड्थ पर ही काम करते हैं, जबकि 5जी में 2 गीगाहट्र्ज बैण्डविड्थ पर काम करने वाले मोबाइल विकसित करने पड़ेंगे. इसलिए स्मार्टफोन नेटवर्क तकनीक विकसित करने में वैज्ञानिकों को इतना समय लग रहा है.

2021 तक 5जी मोबाइल कर जाएंगे 15 करोड़ का आंकड़ा पार
दूरसंचार उपकरण निर्माता कंपनी एरिक्सन की मोबिलिटी रिपोर्ट की माने तो विश्व में साल 2021 तक 5जी सुविधा से लैस मोबाइल फोनों की संख्या 15 करोड़ पर पहुंच जाएगी. 4जी मोबाइल की तुलना में 5जी मोबाइल की बिक्री अधिक तेजी से बढ़ेगी. 5जी नेटवर्क के व्यावसायिक प्रयोग का आरंभ 2020 से होने का अनुमान लगाते हुए कहा गया है कि 2021 में 5जी मोबाइल फोन यूजर्स की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी दक्षिण कोरिया, जापान, चीन तथा अमरीका में होगी.