सरिता विशेष

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में अब तक खेले 38 मैचों में हर बार अंतिम एकादश में बदलाव किया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या अगला टेस्ट ऐसा होगा जिसमें वह अंतिम एकादश में बदलाव करेंगे तो उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता कि कुछ बदलने की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी फिट हैं. अश्विन ने अच्छी वापसी की है. उनका अभ्यास सत्र अच्छा रहा. वह अच्छा कर रहे हैं. जहां तक बदलाव की बात है तो यह सिर्फ हमेशा बदलाव के लिए नहीं होता है. कई बार खिलाड़ी चोटिल होते हैं, जिन्हें ध्यान में नहीं रखा जाता. चीजों को जिस तरह से देखा जा रहा है वह सही है, लेकिन हमें कुछ भी बदलने की जरूरत नहीं है.

भारतीय कप्तान ने कहा कि खिलाड़ी अपने अनुभव का फायदा उठाएंगे और अतिरिक्त मेहनत करेंगे जो उन्होंने ट्रेंट ब्रिज में की थी. शायद चार साल पहले हम बढ़त लेने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ा पाए थे. 2014 में भारत 1-0 की बढ़त लेने के बाद तीन टेस्ट मैच यहां हारा था. विराट ने कहा कि अभी हम बहुत रोमांचक स्थिति में हैं. जब आप 0-2 पर होते हैं तो सभी सोचते हैं कि क्लीन स्वीप होने जा रहा है, लेकिन हम आगे बढ़ने जा रहे हैं. हमने महत्वपूर्ण मौकों पर निर्दयी, निरंतर और उन मौकों पर फायदा उठाने की आपस में बात की. हमने नॉटिंघम में ऐसा ही किया. हमें लक्ष्य हासिल करने के लिए यही दो बार और करना होगा. हमें एक जीत से संतुष्ट नहीं होना होगा. अगर नॉटिंघम में हमने कड़ी मेहनत की तो आगे और कठिन होने वाला है क्योंकि इंग्लैंड दमदार वापसी करना चाहेगा.

सभी तेज गेंदबाजों से इनकार          

भारतीय कप्तान ने साफ किया कि अगर पिच जोहानिसबर्ग टेस्ट की तरह होती तो हमें पूर्ण तेज गेंदबाजी आक्रमण का इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन हमें नहीं लगता कि यह यह पिच उसकी तरह है. मुझे नहीं लगता कि सिर्फ तेज गेंदबाजों को खिलाना सही विकल्प होगा. यहां पर हमने जब पिछला मैच खेला था तो दूसरी पारी में स्पिनरों ने विकेट लिए थे. सतह बहुत मजबूत है और अगर पैरों के निशान बनने पर स्पिनर इसमें काफी बड़ा रोल निभा सकते हैं.

खुले दिमाग से खेलें बल्लेबाज

पिच पर उछाल को लेकर बल्लेबाजी में बदलाव के सवाल पर कोहली ने कहा कि उनके बल्लेबाज इस पिच पर खुले दिमाग से खेलें. मुझे नहीं लगता कि किसी बल्लेबाज को खेल मे बदलाव की जरूरत है. हम किसी भी बात पर अड़ना नहीं चाहते हैं. अगर विकेट अलग-अलग व्यवहार कर रहे हैं तो आपको लचीला होना होगा.

100 गेंदों के फॉर्मेट में नहीं खेलेंगे

विराट कोहली ने इससे पहले एक साक्षात्कार में कहा कि व्यावसायिक पहलू के कारण क्रिकेट की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है. इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड द्वारा प्रस्तावित 100 गेंद के प्रारूप की भी निंदा की. तीनों प्रारूप में भारतीय टीम के कप्तान कोहली ने कहा, ‘मैं पहले ही बहुत… मैं यह नहीं कहूंगा कि परेशान हूं, लेकिन कई बार इतना ज्यादा क्रिकेट लगातार खेलने से परेशान हो ही जाते हैं. मुझे लगता है कि व्यावसायिक पहलू का असर क्रिकेट की गुणवत्ता पर पड़ रहा है जिससे मैं दुखी हूं.’ इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड 100 गेंद का नया प्रारूप शुरू करने जा रहा है जिसकी सभी निंदा कर रहे हैं.

कोहली ने कहा कि वह एक और प्रारूप का हिस्सा नहीं बनेंगे. उन्होंने कहा, ‘जो लोग इससे जुड़े हैं, उनके लिए यह काफी रोमांचक है, लेकिन मैं एक और प्रारूप नहीं खेल सकता. मैं किसी भी नए प्रारूप के लिए प्रयोग का जरिया नहीं बनना चाहता. मैं विश्व एकादश का हिस्सा नहीं बनना चाहता जो 100 गेंद का प्रारूप लांच करेगा. मुझे आईपीएल खेलना पसंद है. मैं बिग बैश लीग भी देखता हूं क्योंकि आपके भीतर इससे प्रतिस्पर्धी भावना बढ़ती है. मुझे लीग से गुरेज नहीं, लेकिन प्रयोग गंवारा नहीं है.’ उन्होंने कहा, ‘काउंटी क्रिकेट मुझे बहुत पसंद है. इस बार नहीं खेल सका लेकिन भविष्य में जरूर खेलूंगा.’