भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) द्वारा प्रस्तावित 100 गेंदों वाले क्रिकेट टूर्नामेंट को लेकर चिंता व्यक्त की है. ईसीबी ने टी-20 टूर्नामेंट से इतर ‘100 गेंदों के क्रिकेट’ टूर्नामेंट के आयोजन का निर्णय लिया है. पुरुष और महिला दोनों वर्गो में इस टूर्नामेंट का अयोजन किया जाएगा जिसमें आठ-आठ टीमें हिस्सा लेंगी.

विराट का मानना है कि क्रिकेट के इस नए प्रारूप से खेल की गुणवत्ता में कमी आएगी जिस कारण वह चिंतित हैं. विराट ने कहा, “इस टूर्नामेंट की प्रक्रिया में शामिल लोगों को लिए यह बहुत रोमांचक होगा, लेकिन मैं क्रिकेट के एक अन्य प्रारूप के बारे में सोच भी नहीं सकता. आज के समय में जब इतनी ज्यादा क्रिकेट खेली जा रही है, यह नया टूर्नामेंट खिलाड़ियों के ऊपर अतिरिक्त भार डालेगा. मैं समझता हूं व्यापारिक पहलू क्रिकेट की गुणवत्ता पर भारी पड़ रहा है और मैं इसे लेकर चिंतित हूं.”

उन्होंने यह भी कहा कि वह टी-20 क्रिकेट का समर्थन करते हैं लेकिन ईसीबी के नए प्रयोग से इत्तेफाक नहीं रखते. विराट ने कहा, “वास्तव में मैं नहीं चाहता कि मुझे क्रिकेट के किसी नए प्रारूप में शामिल किया जाए. मैं उस वर्ल्ड-11 का हिस्सा नहीं बनना चाहता जो 100 गेंदों के टूर्नामेंट का आयोजन करे. मुझे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना पसंद है, मुझे बिग बैश लीग (बीबीएल) देखना भी अच्छा लगता है क्योंकि आप शीर्ष स्तरीय विपक्षी का सामना करते हैं और एक क्रिकेटर के रूप में आप यही चाहते हैं. मैं हर लीग के समर्थन में हूं लेकिन किसी प्रयोग का नहीं.”

विराट ने आगे कहा, “अगर आप फर्स्ट-क्लास क्रिकेट को महत्व नहीं देंगे, तो लोग खेल के सबसे लंबे प्रारूप में खेलने का उत्साह खो देंगे. टी-20 लीग की बढ़ती लोकप्रियता के कारण क्रिकेट बोर्ड को घरेलू क्रिकेट को अधिक महत्व देने की जरूरत है क्योंकि अगर सुविधा और खेल का स्तर आगे बढ़ेगा तो उत्सुकता बनी रहेगी.”

उन्होंने अगले वर्ष जुलाई में शुरू होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के बारे में कहा, “मैं समझता हूं कि टेस्ट चैम्पियनशिप से टेस्ट क्रिकेट आगे बढ़ेगा. इससे हर सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर होगी और टूर्नामेंट में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे. मैं इस चैम्पियनशिप के लिए बहुत उत्सुक हूं.”