भारतीय टीम से बाहर चल रहे औलराउंडर खिलाड़ी यूसुफ पठान पर डोप टेस्ट में फेल होने की वजह से पांच महीने का बैन लगाया गया है. यह बैन बीसीसीआई ने उन पर पिछले साल 15 अगस्त को लगाया गया था, जिसके बाद से वह क्रिकेट से दूर हैं. यह बैन 14 जनवरी 2018 तक यूसुफ पठान पर जारी रहेगा. बीसीसीआई ने डोपिंग को लेकर खिलाड़ियों को किसी भी तरह की छूट ना देने की पौलिसी बनाई हुई है.

पठान पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगने के बाद से उनका आईपीएल में खेलना भी मुश्किल नजर आ रहा है. हालांकि, आईपीएल के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 27-28 जनवरी को होनी है और तब तक पठान पर से बैन हटाया जा चुका होगा. यहां बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई फ्रेंचाइजी इस मामले के सामने आने के बाद पठान पर दांव लगाना पसंद करेगी.

इस मामले पर पठान ने ट्विट कर एक स्टेटमेंट जारी किया है. उन्होंने पहले तो बीसीसीआई को अपना केस सामने रखने के लिए धन्यवाद कहा, इसके बाद उन्होंने अपने बयान में कहा कि उस समय वह एक सीरप का सेवन कर रहे थे.

पठान ने कहा कि सीरप टीम के डौक्टर की अनुमति के बाद ही लिया गया था. गले के इन्फेक्शन की वजह से उन्हें उन दिनों काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. जिसके बाद डौक्टर के निर्देशानुसार उन्होंने सीरप का इस्तेमाल किया. सीरीप के अंदर कुछ नशीले पदार्थ होते हैं. पठान ने कहा कि मैं कभी कुछ ऐसा करने की कोशिश नहीं करूंगा जिससे मातृभूमि के सम्मान को ठेस पहुंचे या बड़ौदा की टीम की बदनामी हो. पठान ने अपनी गलती मान ली, जिसके बाद बीसीसीआई ने भी उन पर केवल पांच महीने का ही बैन लगाना उचित समझा.

पठान की बात जानने के बाद बीसीसीआई ने कहा कि पठान ने जिस पदार्थ का इस्तेमाल किया है वह सीरप में आमतौर पर पाया जाता है. उन्होंने कहा कि पठान की बात से वह पूरी तरह से सहमत है. पिछले साल बीसीसीआई के कहने पर ही सिलेक्टर्स ने युसूफ को बड़ौदा के रणजी टीम में नहीं शामिल किया था. आईपीएल में कोलकाता को अपने दम पर कई मैच जीताने वाले पठान को वहां भी रिटेन नहीं किया गया है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि खिलाड़ियों के नीलामी के दौरान यूसुफ पर कौन सी फ्रेंचाइजी भरोसा जताती है.