क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जब भी कोई बढ़िया प्रदर्शन करते हैं तो लोगों का ध्यान उनपर जाता ही है. अर्जुन के अच्छे प्रदर्शन को देखकर लगता है कि वह अपने पिता की तरह ही लोगों की अपेक्षाओं में खरे उतरने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

अर्जुन तेंदुलकर के पांच विकेट के दम पर ही मुंबई ने आज कूच बिहार अंडर-19 ट्राफी में रेलवे को पराजित किया. कांदिवली के जिमखाना मैदान में खेले गए मैच में उन्हें मैच की पहली पारी में कोई सफलता नहीं मिली लेकिन दूसरी पारी में वापसी करते हुए उन्होंने 11 ओवर में 44 रन देकर पांच विकेट लिए. अर्जुन की गेंदबाजी के दम पर मुंबई ने रेलवे को दूसरी पारी में 136 रन पर समेट कर मैच को पारी और 103 रन से अपने नाम किया.

अर्जुन ने कई बार अपने प्रदर्शन से अपनी टीम के लिए अहम योगदान दिया है और तारीफ भी बटोरी है. इस सत्र में यह तीसरी बार है जब अर्जुन ने शानदार गेंदबाजी की है. उन्होंने तीन सप्ताह पहले मध्यप्रदेश के खिलाफ भी पांच विकेट और बाद में असम के खिलाफ चार विकेट चटकर अपनी टीम को जीत दिला चुके हैं.

क्या आपको पता है कि सचिन ने क्रिकेट में वो सारे मुकाम हासिल कर लिए जो उनके सामने आए, लेकिन एक सपना जो सचिन का क्रिकेट में था वह तो अधूरा रह गया. दरअसल, सचिन बल्लेबाज नहीं, तेज गेंदबाज बनना चाहते थे. इसीलिए वह मुंबई से चेन्नई एमआरएफ पेस एकेडमी जा पहुंचे, लेकिन वहां पूर्व औस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज डेनिस लिली ने उनकी चाहत को खारिज कर दिया और उन्हें बल्लेबाज बनने की सलाह दी. सचिन की कद छोटी थी, जिसकी वजह से लिली ने उन्हें सलाह दी कि तुम बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान क्यों नहीं लगाते..? और यहीं से सचिन के क्रिकेट जीवन की शुरुआत हुई, जिसे बाद में दुनिया ने ‘मास्टर ब्लास्टर’ का नाम दिया.

सचिन की जिंदगी में शायद यही एक अधूरा सपना था, लेकिन उनके बेटे अर्जुन की शानदार तेज गेंदबाजी, उनके प्रदर्शन और उन्हें मिल रही लगातार तारिफो को दिखकर लगता है कि शायद यह किस्मत का खेल ही है कि उनका बेटा अर्जुन तेंदुलकर उनके इस सपने को पूरा करने का जरिया बना है.

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