आईआईटी दिल्ली के शोध छात्र वंदित विजय के शोध पत्र का चयन 26वीं यूरोपियन बायोमास कांफ्रेस एवं एक्जीबिशन 2018 में श्रेष्ठ विद्यार्थी पुरस्कार के लिए हुआ है. इस कांफ्रेस का आयोजन डेनमार्क के कोपेनहेगन शहर में 14 से 17 मई, 2018 तक किया जाएगा. इस कांफ्रेंस में 83 देशों के 3500 प्रतिनिधि एवं शोधार्थी भाग लेंगे और करीब 900 शोधपत्र इस आयोजन में प्रस्तुत किये जाएंगे. वंदित फिलहाल “जैव उर्जा और इसकी ग्राम उर्जा स्वराज संपन्नता हेतु एकीकरण की क्षमता” विषय पर पीएचडी कर रहे हैं.

वंदित विजय को यह पुरस्कार गांवों में उपलब्ध जैव संसाधानों से संपूर्ण उर्जा आवश्यकता की पूर्ति  के सिद्वांत पर दिया गया है. अपने शोध में वह गांवों में ही उपलब्ध जैव उर्जा संसाधनों से सभी प्रकार की उर्जा आवश्कताओं को पूरा करने के लिए महात्मा गांधी के दिए विचार “ग्राम स्वराज”  को  “ग्राम उर्जा स्वराज”  के रूप में आगे बढ़ा रहे  हैं. वंदित गांवों में ही उपलब्ध जैव संसाधनों से बायोगैस, बायोफ्यूल बनाकर स्वच्छ रसोई ईंधन, इंजन चला कर बिजली बनाने के लिए ईंधन, वाहनों के लिए ईंधन पर कार्य कर रहे हैं.

इससे गांवों की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं  रोजगार की स्थिति सुधरेगी, जो भविष्य में शहरों से गांवों की ओर पलायन के लिए प्रेरित करेगी. इस कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए आईआईटी दिल्ली वंदित को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है. प्रोफेसर पीएमवी सुब्बाराव, वंदित के पीएचडी गाइड हैं.