भोपाल शहर के निशातपुरा इलाके में 4 जनवरी, 2018 को एक अधेड़ उम्र की औरत शबनम आग से बुरी तरह झुलस गई थी. पहले तो यह केस खुदकुशी की कोशिश का लगा. लेकिन निशातपुरा थाने की पुलिस ने जांच की तो जो हकीकत सामने आई सभी चौंक गए. पता चला कि वह 52 साल के सलीम खान की तीसरी पत्नी थी और उसे एक सोचीसमझी साजिश के तहत जलाया गया था.

दरअसल शबनम का पति सलीम खान सिक्योरिटी गार्ड था. 11 बच्चे होने के बाद भी वह चौथी शादी करने की कोशिश कर रहा था. उस का बड़ा बेटा 18 साल का हो चुका था. इस के बावजूद उस ने चौथी शादी थी.

पुलिस को इस मामले की खबर एक दिन बाद यानी 5 जनवरी को लगी तो थाना निशातपुरा के टीआई चैनसिंह रघुवंशी ने एसआई संतराम खन्ना को हमीदिया अस्पताल भेज दिया क्योंकि आग से झुलस जाने के बाद शबनम उसी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी.

एसआई संतराम खन्ना बिना वक्त गंवाए हमीदिया अस्पताल पहुंच गए. वहां शबनम की हालत चिंताजनक बनी हुई थी. अस्पताल में सलीम खान के परिवार के और लोग भी मौजूद थे. संतराम खन्ना ने जब शबनम और अन्य लोगों से बात की तो इस वारदात के पीछे की जो कहानी सामने आई वह इस प्रकार निकली—

सलीम एक मामूली नौकरीपेशा इंसान था. उस की पहली शादी शहनाज नाम की एक लड़की से हुई थी. लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद कुछ ऐसे हालात पैदा हो गए कि बहुत जल्द शहनाज से उस का तलाक हो गया. सलीम एक मामूली आदमी था. जैसेतैसे कर के उस की शादी शहनाज से हुई थी. उस से तलाक के बाद सलीम इस फिक्र में लग गया कि अब उस की दूसरी शादी कैसे होगी.

पर इस मामले में सलीम की किस्मत औरों से काफी जुदा निकली. तभी तो कुछ ही दिनों में उस की दूसरी शादी हो गई. दूसरी बीवी से सलीम के 7 बच्चे हुए. सलीम फकीर बिरादरी से था. उस की बिरादरी के अधिकांश लोग भीख मांगा करते थे. इसलिए परिवार बढ़ने की उसे कोई चिंता नहीं हुई.

उस का खर्च समाज से पूरा हो रहा था. बच्चे जब थोड़े बडे़ हो गए तो वह भीख मांगने लगे. वहीं दूसरी ओर सलीम की पत्नी भी आसपड़ोस के घरों में साफसफाई करने और खाना बनाने का काम करने लगी. कुल मिला कर सारा घर अपने खानेपीने का इंतजाम खुद ही कर लेता था. भीख मांग कर शौक तो पूरे नहीं किए जा सकते. लेकिन उस की जिंदगी बदस्तूर चल रही थी.

इसी बीच सलीम की दूसरी पत्नी भी उसे छोड़ कर चली गई तो सलीम ने 35 वर्षीय शबनम नाम की एक महिला से शादी कर ली. शबनम भी तलाकशुदा थी. उस के पास 2 बच्चे पहले से थे. सलीम से शादी के बाद वह 2 बच्चों की मां और बन गई.

अब उस के परिवार में 11 बच्चे हो गए थे. शबनम समझदार और सुलझी हुई महिला थी. वही अपने और सलीम के सारे बच्चों की परवरिश कर रही थी. बाद में सलीम शांति अपार्टमेंट में गार्ड की नौकरी करने लगा.

11 बच्चे होने के बावजूद सलीम ने शबनम के होते हुए आयशा से चौथी शादी कर ली. लेकिन उस ने यह बात काफी दिनों तक शबनम से छिपाए रखी.

उस ने अपनी चौथी बीवी को अपने घर में न रख कर कुछ दूरी पर भानपुर में एक किराए के मकान में रखा था. वह आयशा को हर महीने खर्च के लिए लगातार पैसे भेजता और वहीं पर उस से मिलने जाता रहता था.

पर आयशा से शादी वाली बात वह शबनम से ज्यादा दिनों तक नहीं छिपा सका. शबनम को जब यह जानकारी मिली तो उसे बहुत गुस्सा आया. शबनम ने सलीम से शिकायत की, ‘‘मैं तुम्हें इतना प्यार करती हूं, बच्चों की देखभाल कर रही हूं. तो ऐसी क्या मजबूरी आ गई जो तुम ने आयशा से शादी कर ली. तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था.’’

‘‘तुम्हें मेरी शादी से कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. क्योंकि जिस तरह पहले से चलता आ रहा है, ठीक वैसे ही अब भी चलता रहेगा. आयशा भी एक तलाकशुदा औरत है. वो परेशान थी तो मैं ने उसे अपने यहां एक तरह से आश्रय दिया है.’’ सलीम ने सफाई दी.

‘‘शहर में और भी तमाम तलाकशुदा महिलाएं हैं. उन्हें भी आश्रय दे दो. वो भी बेचारी न जाने कहांकहां धक्के खा रही होंगी.’’ शबनम ने कटाक्ष किया.

‘‘तुम तो बेवजह पेरशान हो रही हो. उस के आने पर तुम्हारे प्यार में कमी नहीं आने दूंगा. इसलिए तुम कोई चिंता मत करो.’’ सलीम ने उसे फिर समझाने की कोशिश की. लेकिन इतनी बड़ी बात को शबनम भला कैसे स्वीकार कर सकती थी, लिहाजा वह पति से खूब झगड़ी. कुछ ही दिनों बाद इस बात को ले कर अकसर ही घर पर झगड़ा होने लगा.

आयशा अपने पहले शौहर को तलाक दे कर अपनी मां के साथ एक छोटे से घर में रहती थी. पर अब तो सलीम ने उसे एक किराए का कमरा दिला दिया था. सलीम हर महीने उसे खर्च के पैसे देता रहता था. पर आयशा ने अब एक जिद यह पकड़ रखी थी कि वह शबनम से तलाक दे कर उसे अपने घर पर रखे.

सलीम शबनम को तलाक देने के लिए राजी नहीं था. इसी बात को ले कर दोनों में पहले तो सिर्फ बहस होती. लेकिन जल्दी ही इस मुद्दे के तूल पकड़ते देर न लगी. सलीम के दिए पैसों से मांबेटी का खर्च चलता था.

दिसंबर 2017 में इत्तफाक से सलीम को अपने तय वक्त पर तनख्वाह नहीं मिली तो वह आयशा को समय पर खर्च के लिए पैसे नहीं भेज पाया. जब भी सलीम उसे समय से पैसे नहीं भेज पाता तो आयशा अपनी मां के साथ सलीम के घर आ धमकती थी. इस के लिए मांबेटी शबनम को दोषी मानती थीं. वह दोनों आते ही शबनम पर हावी हो जाती थीं.

आयशा शबनम पर इस बात का दबाव बनाती कि वह सलीम से जल्द तलाक ले कर वहां से चली जाए ताकि वह इस घर में आ कर रह सके. पर शबनम आयशा की बातों को अनसुना कर देती.

दिसंबर के महीने में भी वह दोनों घर आ कर शबनम से झगड़ने लगीं. आयशा की मां वसीमा बी आग बबूला हो गई. होहल्ला सुन कर आसपास के लोग भी अपने घरों से बाहर निकल कर दोनों को समझाने लगे. इतने में किसी ने सलीम को फोन कर के इस की जानकारी दे दी.

सलीम उस समय शांति अपार्टमेंट में अपनी ड्यूटी पर था. वह दूसरे गार्ड को थोड़ी देर में लौट आने की बात बोल कर जल्दी से घर आ गया. उस समय घर पर महाभारत छिड़ी हुई थी. सलीम ने आते ही आयशा को समझाया कि यहां पर मत लड़ो, सब लोग देख रहे हैं. आयशा ने सलीम से गुस्से में कहा, ‘‘सब से पहले तो तुम शबनम को तलाक दो. तभी मैं तुम्हारे साथ रहूंगी.’’

सलीम ने उसे समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन आयशा इसी बात पर अड़ी रही. सलीम के साथ पड़ोस के लोगों के समझाने के बाद आयशा थोड़ी ठंडी पड़ी और झगड़ा खत्म कर लिया. झगड़ा खत्म होने पर सलीम ने राहत की सांस ली.

दोबारा ड्यूटी पर जाने से पहले सलीम ने शबनम और आयशा को समझाया, ‘‘मैं जा रहा हूं, इसलिए अब लड़ना नहीं.’’ कह कर सलीम वहां से चला गया. उसे लगा कि उस के समझाने के बाद दोनों नहीं लड़ेंगी. वह दोनों बीवियों की तरफ से बेफिक्र हो गया.

अभी सलीम अपार्टमेंट में इत्मीनान से खड़ा भी नहीं हुआ था कि एक पड़ोसी का फोन आ गया. अचानक फोन आने से सलीम को शंका हुई कि दोनों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई होगी? जैसे ही उधर से रूहकंपा देने वाली आवाज आई, वैसे ही सलीम ने बिना किसी को बताए घर की तरफ दौड़ लगा दी.

जब वह घर पर पहुंचा तो उस के घर के चारों तरफ मजमा सा लगा था. भीड़ देख कर सलीम को पूरा यकीन हो गया था कि कोई बड़ी बात हो गई है. करीब पहुंच कर देखा तो उस की तीसरी बीवी शबनम पूरी तरह आग में जली एक तरफ पड़ी थी और चारों ओर देखने वालों की भीड़ लगी थी, मामले की गंभीरता की गवाही दे रही थी.

जैसेतैसे शबनम को हमीदिया अस्पताल में भरती कराया गया. डाक्टरों ने देखते ही हाथ खडे़ कर लिए. क्योंकि उन्हें मालूम था कि शबनम इस दुनिया में बमुश्किल एकदो दिनों की मेहमान है. सलीम ने डाक्टर के सामने अपनी बीवी को बचाने की गुहार लगाई. वह किसी भी कीमत पर शबनम को खोना नहीं चाहता था. डाक्टरों की लाख कोशिशों के बावजूद शबनम ने दम तोड़ दिया.

पता चला कि 4 जनवरी, 2018 को जब आयशा अपनी मां के साथ सलीम के पहले घर पर आ धमकी तो उस की बीवी शबनम से बहस होने लगी थी. जिसे बाद में सलीम ने आ कर शांत करा दिया था. उस के बाद हुआ ये कि एक बार फिर से दोनों सौतनों में तलाक को ले कर बहस शुरू हो गई थी.

उस समय शबनम की बेटी चूल्हे पर खाना बना रही थी. बात अचानक से इतनी बढ़ गई कि आयशा और उस की मां ने मिल कर शबनम को धक्का दे कर जमीन पर गिरा दिया, जिस वजह से उस के सिर और हाथ में चोट लग गई.

शबनम इस के लिए बिलकुल भी तैयार  नहीं थी कि वह अपने शौहर को तलाक दे. उस ने आयशा से साफ कह दिया था कि जब मैं ने अभी तक सलीम की पहली बीवी के बच्चों को एक मां की तरह पालापोसा है, तो अब तलाक ले कर कहां जाऊंगी.

इस बात को सुन कर आयशा को तैश आ गया. उस ने कहा कि तुम जहन्नुम में जाओ या कहीं और, मुझे इस से मतलब नहीं है. लेकिन तुम्हें सलीम से तलाक लेना ही पड़ेगा.

उन्होंने जब देखा कि शबनम अपने इरादे पर अटल है तो आयशा झगड़ा करने पर उतारू हो गई. इसी दौरान वसीमा बी ने अपनी बेटी आयशा से कहा कि देखती क्या है इस करमजली के ऊपर केरोसीन डाल कर आग लगा दे.

यह सुन कर आयशा ने पास ही रखा केरोसीन का गैलन उठाया और जमीन पर गिरी पड़ी शबनम पर उस की बेटी के सामने ही डाल कर जलती हुई माचिस की तीली उस की तरफ उछाल दी.

एक छोटी सी चिंगारी शबनम पर पड़ते ही आग का गोला बन गई. गुस्से में आयशा ने इतना बड़ा कदम तो उठा लिया, लेकिन बाद में पुलिस केस होने की बात सोच कर वह डर गई.

आयशा और उस की मां ने सलीम के साथ मिल कर शबनम को हमीदिया अस्पताल में भरती कराया और शबनम से बोलीं कि तुम पुलिस को इस की गवाही मत देना. हम लोग तुम्हारा इलाज करा देंगे. जिस से तुम पहले की तरह ठीक हो जाओगी.

पहले तो शबनम को उन की बातों पर भरोसा हो गया. लेकिन जब अपनी हालात देखी तो उसे अपने मासूम बच्चों की फिक्र सताने लगी. जिस से वह परेशान हो गई. उस ने बाद में एसआई संतराम खन्ना को पूरी सच्चाई बता दी. इस के साथ शबनम ने मजिस्ट्रैट के सामने भी मौत से जद्दोजहद करते हुए पूरी घटना के बारे में जानकारी दे दी.

निशातपुरा पुलिस ने मौके का मुआयना कर के आग लगाने के सबूत इकट्ठे कर लिए. आयशा और उस की मां पर भादंवि की धारा 307 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया. शबनम की सौतन आयशा जल्दी ही पुलिस के हत्थे चढ़ गई.

उस की शातिर मां वसीमा बी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रही. पुलिस ने वसीमा बी की धरपकड़ के लिए उस के घर पर दबिश दी. लेकिन पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा. वसीमा बी की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी की, लेकिन उस का कहीं पता नहीं चल सका.

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