सामाजिक

मंदिरों में चप्पल चोरी, सुख के दरवाजे पर ही दुख
नेहा पहली बार लखनऊ के भूतनाथ मंदिर गई थी. उस की एक रिश्तेदार भी साथ थी. जब वह मंदिर से वापस आई, तो देखा कि उस की नई चप्पलें गायब थीं.