उत्तर प्रदेश सरकार ने बस यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर बस में ही पीने की पानी वाली बोतल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है.इस योजना के पहले चरण में 20 क्षेत्रों की 200 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली बसों में बस कंडक्टर को पानी की बोतल बेचने का काम दिया गया है.पानी को ठंडा रखने के लिये आइसबाक्स की व्यवस्था होगी.एक आइसबाक्स में 1 लीटर की 25 और आधा लीटर की 10 बोतले आयेगी. 1 लीटर पानी की बोतल 14 रूपये और आधा लीटर पानी की बोतल की कीमत 9 रूपये रखी गई है.इन बोतलों पर परिवहन नीर लिखा होगा.पानी की बोतलों के बेचने पर तय रकम कमीशन के रूप में कडंक्टर को मिलेगी.परिवहन राज्यमंत्री यासर शाह ने लखनऊ के कैसरबाग बस स्टेशन से इस सेवा की शुरूआत की.1500 बसों में शुरू की गई यह सेवा एक माह में ही 3000 बसों तक में पहुंच जायेगी.

उत्तर प्रदेश में बस सेवा यातायात का प्रमुख जरीया है.अभी भी ज्यादातर बसे खटारा है और समय पर नहीं चलती है.इससे यात्रियों को बहुत सारी असुविधाओं का सामना करना पडता है.बस यातायात दूसरे प्रदेशों के मुकाबले महंगा और असुविधा जनक है.इसमें सुधार की बहुत सारी गुजांइश है.प्रदेश सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है.परिवहन राज्यमंत्री यासर शाह ने बताया कि जल्द ही 1500 नई बसें यात्रियों की सुविधा के लिये उपलब्ध होगी.प्रदेश सरकार ने बढी संख्या में प्राइवेट बसों को अनुबंधित किया हुआ है.इसके साथ बोल्वों बसों को बढाने की योजना है.सरकार के इस कदम से जनता को राहत मिलेगी.एक शहर से दूसरे शहर के बीच रोज सफर करने वालों को लिये सरकार रैपिड  लाइन सेवा शुरू करेगी.यह बसे तय समय से चलेगी जिससे सफर करने वाले को राहत मिल सकेगी.

परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक आशीष गोयल ने कहा कि परिवहन नीर अच्छी क्वालिटी का होगा.जिससे सफर के दौरान पीने योग्य पानी मिल सकेगा.सफर के दौरान साफ पानी बहुत जरूरी होता है.पानी लेने के लिये बस के यात्रियों को बस से उतरने की जरूरत नहीं रहेगी.आशीश गोयल ने कहा कि रोडवेज के कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है कि ज्यादातर घाटे में रहने वाला विभाग अब लाभ में आ गया है.यात्रियों के लिये सफर को सुविधाजनक, आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिये और भी प्रयास किये जा रहे है.बस स्टेशनों की हालत सुधारी जा रही है.बस स्टेशनों पर वाईफाई और दूसरी यात्री सुविधाओं को बढाया जा रहा है.