इस बार राखी के मौके पर बिहार के नालंदा जिला के राजगीर प्रखंड के भाई एक नई मिसाल कायम करने की जुगत में लगे हुए हैं. वह अपनी बहनों को अनोखा तोहफा देने की तैयारी कर रहे हैं. राखी के धागों के बंधन में बंध कर हर भाई सदियों से अपनी बहन की हिफाजत की कसमें खाते रहे हैं, पर राजगीर के भाई अपनी बहन की इज्जत को बचाने के लिए अपने-अपने घरों में शौचालय बना कर बहनों को गिफ्ट करेंगे.

नालंदा जिला प्रशासन भाईयों की इस सोच को जमीन पर उतारने की कवायद में पूरी गंभीरता से लग गया है. लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत राजगीर के गांवों में कम से कम 10 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य तय किया गया है. जिला प्रशासन ने शौचालय योजना से लोगों की भावनाओं को जोड़ दिया है. डीडीसी कुंदन कुमार कहते हैं कि इससे शौचालय मुहिम को खासी कामयाबी मिल सकेगी. राखी के त्योहार के मौके पर पहली बार इस तरह की पहल की जा रही है. इसकी कामयाबी के बाद बाकी प्रखंडों में भी पर्व-त्यौहारों से शौचालय योजना को जोड़ा जाएगा.

फिलहाल नालंदा में 9 फीसदी घरों में ही शौचालय हैं. शौचालय मुहिम में तेजी लाने के लिए इस बार पहली बार राखी के त्योहार से जोड़ा गया है. समूचे प्रखंड में यह प्रचार किया जा रहा है कि इस साल राखी के त्यौहार के अवसर पर हर भाई अपनी बहनों को उपहार में शौचालय दें. बहनें घर की इज्जत होती हैं और उसे शौच करने के लिए बाहर क्यों जाना पड़ता है? क्या कोई भाई चाहेगा कि उनकी बहनों की इज्जत के साथ खिलवाड़ हो? इसलिए हर भाई अपने घरों में शौचालय बनवा कर अपनी बहनों को अनोखा तोहफा दें. प्रशासन की इस मुहिम को भाईयों का पूरा साथ भी मिला है. राजगीर के रहने वाले किसान उमेश प्रसाद कहते हैं कि बहनों के लिए इससे बड़ा तोहफा क्या होगा कि उन्हें अब शौच के लि घर से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. जब सारी दुनिया गहरी नींद में डूबी रहती है, उस समय मां-बहनें जाग जाती हैं और शौच के लिए घरों से निकल जाती हैं. इसका फायदा उठा कर लफंगे और बदमाश छेड़खानी और बलात्कार की वारदातों को आसानी से अंजाम देते रहे हैं.

जिला प्रशासन अपनी इस योजना को कामयाब बनाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है. पहले प्रखंड के सारे लड़कों को जागरूक किया गया कि वह अपनी बहनों को गिफ्ट के तौर पर अपने-अपने घरों में शौचालय बनावाएं, जिससे उनकी बहनों को शौच के लिए खुले में नहीं जाना पड़े. अब वह बहनों की लिस्ट तैयार कर रहा है. 10 अगस्त तक बहनों की सूची तैयार करने की आखिरी तारीख रखी गई है. उसके बाद 11 अगस्त से उनके घरों में शौचालय बनाने में काम आने वाले सारे सामान पहुंचा दिए जाएंगे. उसके बाद 16-17 अगस्त तक सभी घरों में शौचालय बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा. शौचालय बन कर तैयार होने के बाद 18 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर बहनें अपने भाईयों को रेशम की डोर बांधेंगी और भाई उन्हें उपहार के रूप में शौचालय देंगे.

राजगीर के भाईयों की इस अनोखी और यादगार पहल के बाद दूसरे जिलों में भी इस योजना को जमीन पर उतारने की कवायद शुरू की जाएगी. होली, दशहरा, दीपावली जैसे त्योहारों समेत फ्रेंडशिप डे, मदर्स डे, वैलेंनटाइन डे आदि के मौके पर जिला प्रशासन लोगों को जागरुक करेगा कि वह अपने मां-बहनों को शौचालय का तोहफा देकर मिसाल कायम करें.

व्यक्तिगत घरेलू शौचालय का एक यूनिट बनाने में 6 हजार 600 रुपये की लागत आती है. इसमें से 3200 रुपये केंद्र सरकार और 2500 रुपया राज्य सरकार मुहैया कराती है. शौचालय बनाने के इच्छुक लोग को 900 रुपये अपनी जेब से लगाने पड़ते हैं. साल 2016-17 बिहार में 20 लाख 93 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य के पूरा होने के बाद राज्य के कुल 1068 पंचायतों के हरेक घर में शौचालय बन जाएगा.