भोपाल की सेंट्रल जेल में जल्द ही जेल विभाग का अपना खुद का रेडियो स्टेशन होगा, जिसका नाम होगा जेल वाणी. जेल वाणी के जॉकी भी कैदी ही होंगे, जो प्रोफेशनल जॉकी की तरह प्रोग्राम देंगे. भोपाल की जेल में अभी 2,942 कैदी हैं, जिनके पास मनोरंजन के नाम पर मार पीट और गाली गलौच के अलावा जेल की अपनी पहले की ज़िंदगी के संस्मरण भर हैं, लेकिन अब माहौल कुछ और होगा.

कैदी सुबह 8 से 9 और शाम 3 से 5 रेडियो का लुत्फ उठाएंगे, जिससे जेल की उबाऊ और नीरस ज़िंदगी से एक हद तक छुटकारा उन्हे मिलेगा. जेल का सांस्कृतिक भवन जेल वाणी का कंट्रोल रूम होगा और हर एक बेरक में स्पीकर लगाए जा चुके हैं, रात को एक घंटा कैदी अपनी पसंद के गाने भी सुन सकेंगे, यानि जेल की ज़िंदगी अब पहले सी दुष्कर नहीं रहेगी.

यह अनूठा आइडिया दरअसल में पुणे की यरवदा जेल से आयातित है, जहां कैदियों के लिए उनका खुद का कम्यूनिटी रेडियो चलता है. यहां सजा काट चुके अभिनेता संजय दत्त जॉकी की भूमिका में रहते थे. कैदियो को समय समय पर कानून की धाराओं, जेल नियमों की और जेल में मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी दी जाएगी.

अभी जेल में कैदियों के मनोरंजन के लिए टीवी और समाचार पत्र हैं, पर वे रेडियो की तरह हर बैरक में नहीं हैं. अगर रेडियो जेल वाणी चल निकला, तो मुमकिन है जेल विभाग को विज्ञापन भी मिलने लगें.