किसी भी लड़की के चेहरे पर तेजाब डालकर उसको बदसूरत बनाने का अपराध हत्या के अपराध से कम नहीं होता है. लड़की के जीवन पर उसका गहरा असर होता है. वह जीते जी मरने जैसी हो जाती है. कुछ साल पहले तक ऐसी लड़कियां डिप्रेशन का शिकार होकर जीने की ललक ही खो देती थी. अब समाज ने ऐसी लड़कियों के प्रति अपनी सोच का बदलना शुरू किया है. जिससे तेजाब की शिकार लडकियों में आत्मविश्वास बढ रहा है. लखनऊ में शीरोज नाम से एक रेस्त्रां एसिड से पीड़ित लड़कियां चला रही है.

पावर विंग फाउडेशन ने ‘परवाज द राइजिंग होप’ नाम से एक शो का आयोजन तेजाब की शिकार लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिये किया. जिसमें यह लड़कियां रनवे फैशन हाउस की मौडल्स के साथ रैंप पर उतरी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष जरीना उस्मानी और समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष डाक्टर श्वेता सिंह ने इन सभी का हौसला बढ़ाया. जरीना उस्मानी और डाक्टर श्वेता सिह ने तेजाब की शिकार लड़कियों का हौसला बढाया.

पावर विंग फाउडेशन की प्रेसीडेंट सुमन रावत ने कहा ‘तेजाब डालने से गंभीर अपराध कोई और नहीं हो सकता है. मेरी नजर में अपराधी के साथ समाज भी उसका दोषी है. समाज को अपने स्तर पर ऐसे अपराध करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिये और इसकी शिकार लड़कियां अपना जीवन पहले जैसा गुजार सकें, इसमें मदद करनी चाहिये. जो लोग अपराध के खिलाफ लड़ रहे हैं, उनका हौसला भी बढ़ाना चाहिये.’

तेजाब की शिकार लडकियों प्रीति पटेल, गरिमा  अवस्थी, रूपाली विश्वकर्मा, शांतिदेवी, रेश्मा, अस्मा और कविता ने रैंप शो में पूरे हौसले के साथ हिस्सा लिया. रैंप पर उतरने के बाद इनमें अपने जीवन के प्रति आत्मविश्वास बढ गया है. रैंप पर इनका साथ काव्या, सोनाली, दिव्या, महक, नम्रता, रिचा, अपूर्वा, आयूर्षी, शुभद्रा, जमील, अंकित, जैदी और आकाश ने दिया. फैशन डिजाइनर ओमदीप और प्रतिभा अहिरवार ने ब्राइडेल कलेक्शन के लिये खूबसूरत पोशाके तैयार की थी तो आसिफ और प्रतिभा सिंह ने मेकअप किया. दीपिका ने अपनी पेपर ज्वेलरी से सभी का दिल खुश कर दिया.

पावर विंग ने उन सामाजिक संगठनों का सम्मान किया जो अपराध के खिलाफ लड़ रहे हैं. तेजाब की शिकार लडकियों प्रीति पटेल, गरिमा  अवस्थी, रूपाली विश्वकर्मा, शांतिदेवी, रेश्मा, अस्मा और कविता ने बताया कि यह उनके जीवन का एक अलग मुकाम है. इससे हम सब का हौसला और सोच बदली है. कार्यक्रम में गायिका शालिनी और हयात हुसैन खान ठुमरी और सूफी सूरों से शाम को सजाया, तो रूबल जैन और अदिति ने महिला सशक्तिकरण पर अनोखा प्रदर्शन किया.

तेजाब की शिकार गाजीपुर की रहने वाली रूपाली ने बताया कि गुस्से में आकर मेरे उपर तेजाब फेंका गया था. जिससे मेरी आंखे, चेहरा और गरदन झुलस गई थी. अपना चेहरा देखकर मै खुद डर गई. एक पल को लगा कि आत्महत्या कर जीवन को खत्म कर ले. फिर घर परिवार और समाज के लोगों ने हौसला बढ़ाया और खुद के पैरों पर खडी हो गई.