धर्म

मौत बना साध्वी का शौक
रोज की तरह 15 नवंबर, 2016 की भी रात करीब 9 बजे कई लोग सोफे पर बैठे थे. उसी बीच हथियारों से लैस कुछ युवक पिछले दरवाजे से हौल में दाखिल हुए.