जीवन की राह में हमेशा स्ट्रेट फौरवर्ड चलने वाले लोगों से ही वास्ता पड़े ऐसा संभव नहीं, क्योंकि सब का व्यवहार एकजैसा नहीं होता. कोई हर परिस्थिति में खुश रहने वाला होता है तो कोई गुस्सेबाज व स्वभाव से चिड़चिड़ा. जब तक हमारा वास्ता सीधेसादे लोगों से पड़ता है, सब सही चलता रहता है लेकिन जब टेढ़े लोगों से पाला पड़ता है तो उलझनें व परेशानियां खड़ी हो जाती हैं. ऐसे उलझे मिजाज के लोगों से परेशान होने के बजाय जरूरत है डट कर मुकाबला करने की.

कम बात करने में ही भलाई

कुछ लोगों का स्वभाव ही ऐसा होता है कि वे सीधी बात का भी टेढ़ा ही जवाब देते हैं. ऐसे में जब सामने वाला आप को कुछ गलत जवाब देगा तो आप भी रिप्लाई में जरूर कुछ बोलेंगे, जिस से बात बिगड़ेगी ही. इस से अच्छा है कि ऐसे व्यक्ति से दूरी बना कर रखें, जिस से उसे कुछ कहने का मौका ही न मिले.

दिमाग ठंडा रख कर बात करें

जब कभी भी आप को उलझे मिजाज वाले व्यक्ति से काम पड़े तो आप उस के सामने कूल डाउन हो कर जाएं. यह बात भी मन में ठान लें कि चाहे वह कितने भी गुस्से में व गलत अंदाज में जवाब दे लेकिन फिर भी आप अपना नियंत्रण नहीं खोएंगे. हो सकता है आप के ऐसे व्यवहार से वह खुद को बदलने पर मजबूर हो जाए.

प्रयासों से उसे बदलने की कोशिश करें

यह कहना भी सही नहीं होगा कि सारे टेढ़े मिजाज के लोगों को बदला नहीं जा सकता. जिन लोगों में खुद को बदलने की इच्छा होती है उन्हें प्रयास कर के बदला जा सकता है. आप उन्हें प्यार से समझाएं कि आप के ऐसे व्यवहार से कोई आप का दोस्त तो क्या आप के पास बैठना भी पसंद नहीं करेगा इसलिए अपने व्यवहार में परिवर्तन लाएं. कोशिश करें कि जब कभी भी कोई आप से बात करे तो आप अपनी बातों से उस के चेहरे पर मुसकान लाने की कोशिश करें न कि उसे परेशान करें.

स्थितियों के अनुसार खुद को ढालें

लाख प्रयासों के बावजूद अगर वह खुद को न बदले तो स्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सीखें. जब कभी भी वह रूखे लहजे में बात करे तो उसे हंस कर टाल दें या फिर बात के सब्जेक्ट को ही बदल दें. हो सके तो किसी जरूरी काम का बहाना बना कर वहां से चले जाएं. ध्यान रखें, ऐसे लोगों के व्यवहार का खुद की पर्सनैलिटी पर जरा भी असर न पड़ने दें, न ही उन के कारण खुद को तनाव में रखें.                     

 

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