सवाल
मेरी स्किन औयली है. मुझे क्रीम का कोलोजन सीरम में से किस का डेली इस्तेमाल करना चाहिए?

जवाब
सीरम में त्वचा की रिपेयर करने वाले तत्त्व कौन्संट्रेटेड फौर्म में होते हैं, जिस कारण यह बहुत कम मात्रा में लगता है और ज्यादा असरदार होता है जबकि क्रीम माइल्ड होती है. इसी कारण सीरम क्रीम से ज्यादा बेहतर होता है. अपनी त्वचा को डीपली नरिश करने के लिए रोज सुबह फेस क्लीन या हो सके तो लाइट स्क्रब करने के बाद कोलोजन सीरम का इस्तेमाल कीजिए. इस का डेली इस्तेमाल आप की स्किन को रिपेयर कर के उसे प्रोटैक्ट व हाईड्रेट करेगा, साथ ही ऐजिंग साइंस को भी दूर करेगा. जबकि रात में सोने से पहले एएच यानी अल्फा हाईड्रौक्सी ऐसिड सीरम लगाएं. ड्राई स्किन के लिए क्रीम का इस्तेमाल ज्यादा ठीक है.

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मेकअप ट्रिक्स फौर औयली स्किन

गरमी का मौसम आते ही धूप, धूलमिट्टी और पसीने से त्वचा चिपचिपी होने लगती है. ऐसे मौसम में औयली स्किन और भी ज्यादा औयली और चिपचिपी होने लगती है. ऐसी त्वचा की खूबसूरती निखारने के लिए ब्यूटी टिप्स बता रही हैं मेकअप आर्टिस्ट पिंकी चावला:

औयली स्किन मेकअप: औयली स्किन वाली महिलाएं गरमी के मौसम को भी अन्य मौसमों की तरह ऐंजौय कर सकती हैं. स्किन चाहे कैसी भी हो अगर खूबसूरती को निखारने के लिए आप समर में कुछ स्पैशल ट्रिक्स का इस्तेमाल करेंगी, तो आप की त्वचा भी रहेगी फ्रै श और सुंदर.

स्किन क्लीनिंग पर दें ध्यान: मेकअप करने से पहले चेहरे को धोएं और स्क्रब करें. फिर उसे क्लींजर, क्लींजिंग मिल्क से साफ करें. क्लींजर त्वचा को गहराई से साफ तो करते ही हैं साथ ही अतिरिक्त औयल को भी औब्जर्ब कर लेते हैं. मेकअप करने से पहले अपने चेहरे को अलकोहल फ्री टोनर से साफ करें. इसे क्लींजर से चेहरा साफ करने के 5 मिनट बाद ही लगाएं.

फेस मेकअप: स्किन में ऐक्स्ट्रा शाइन लाने के लिए औयल फ्री, चिकनाई सोखने वाले फाउंडेशन और टिंटेड मौइश्चराइजर का प्रयोग करें. औयली स्किन पर मेकअप से पहले ऐंटीशाइन प्राइमर लगाएं. जरूरत के अनुसार इसे दोबारा भी लगा सकती हैं.

मौइश्चराइजर व फाउंडेशन: अगर आप अच्छी क्वालिटी का मौइश्चराइजर लगाएंगीतो मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहेगा और आप का लुक भी बेहतर लगेगा. हमेशा औयल फ्री या वाटर बेस्ड मौइश्चराइजर का प्रयोग करें. औयल फ्री फाउंडेशन त्वचा के ओपन पोर्स को पूरी तरह ढक देता है. अच्छे रिजल्ट के लिए इसे थोड़े से मौइश्चराइजर के साथ मिला कर चेहरे पर ब्रश या उंगलियों की मदद से लगाएं.

ट्रांसल्यूशन पाउडर: फाउंडेशन लगाने के बाद ट्रांसल्यूशन पाउडर लगाएं. इसे फाउंडेशन लगाने के करीब 10 मिनट बाद लगाएं. ट्रांसल्यूशन पाउडर लाइट कलर का ही हो. इस से फोरहौड, चीक्स और नोज को हाईलाइट करें.

कंसीलर: औयली स्किन पर अधिकतर पिंपल्स व मार्क्स होते हैं. ऐसे में अपनी स्किनटोन से मिलताजुलता कंसीलर पिंपल्स व मार्क्स पर ब्रश या उंगलियों से थपथपाते हुए लगाएं ताकि वे छिप जाएं.

औयल ब्लौटिंग शीट: अपने पास हमेशा औयल ब्लौटिंग शीट रखें. इस से आप आराम से फेस पर आए ऐक्स्ट्रा औयल को औब्जर्ब कर सकती हैं.

आईज मेकअप: गरमी में पसीने की वजह से आईज मेकअप ज्यादा देर न टिक फैल जाता है. इस के लिए आप मोबिलीन न्यूयौर्क वौल्यूम ऐक्सप्रैस मसकारा और यार्डले ऐक्टिव लैश मसकारे का प्रयोग करें. यह आप की आईलैशेज को घना दिखाने के साथसाथ देर तक टिका भी रहेगा. आईब्रो पैंसिल से आंखों को सही आकार दें और आईशैडो लाइट ब्राउन या ग्रे ही लगाएं. इस में आईज अट्रैक्टिव लगेंगी.

चीक्स मेकअप: औयली स्किन के लिए लिक्विड ब्लशर का इस्तेमाल करें. यह चीक्स पर एकसार सा लगेगा और फैलेगा भी नहीं. इसे ब्रश की सहायता से चीक्सबोंस से ले कर कनपटियों तक फैला कर लगाएं. यह स्किन को अलग ही ग्लो देगा.

लिप्स मेकअप: गरमी के मौसम में अपने लिप्स पर लिपबाम और पैट्रोलियम जैली लगाना न भूलें. इन्हें लगाने से लिप्स स्मूद रहते हैं और लुक भी बेहतर रहता है.

औयली स्किन होने के कारण

अन्य स्किन की तुलना में औयली स्किन वाली महिलाएं अधिक उम्र तक जवां दिखती हैं. ऐसी स्किन पर रिंकल्स, फाइन लाइन आदि पड़ने की संभावना जल्दी नहीं रहती है. लेकिन औयली स्किन बहुत जल्दी शाइन करने लगती है, जिस से मेकअप बहुत ही जल्दी उतर जाता है. ऐसी स्किन पर पिंपल्स और ऐक्ने जल्दी होते हैं. औयली स्किन के कारणों को जान कर उन का समाधान करें.

जैनेटिक्स: त्वचा के प्रकार निर्धारण करने में जैनेटिक्स महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. अगर आप की फैमिली में किसी की स्किन औयली होगी तो वह आप की स्किन पर भी प्रभाव डालेगी. वह आप की स्किन के पोर्स से अधिक से अधिक औयल छोड़ेगी.

अधिक मात्रा में प्रयोग: हम सभी अपनी स्किन को साफ, सौम्य और सुंदर बनाने के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का प्रयोग करते हैं. लेकिन अत्यधिक क्रीम, जैल, कैमिकल पील आदि से स्किन में औयल पैदा होता है जिस से स्किन औयली होती है.

मौसम का बदलाव: मौसम का बदलना भी औयली स्किन का कारण होता है. गरम और उमस वाला मौसम औयल के लैवल को बढ़ाता है. गरम और ठंडे मौसम में जब ज्यादा औयल निकलता है, तो स्किन को ड्राई होने से बचाता है और औयली स्किन को और ज्यादा औयली कर देता है.

हारमोनल बदलाव: यौवन, गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति हारमोन की अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं. ऐसे समय में महिलाओं के शरीर से अधिक औयल का उत्पादन होता है.

दवा: अत्यधिक औयली स्किन दवा के सेवन से भी होती है. जैसे हारमोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स और हारमोनल रिप्लेसमैंट दवाओं से. सुंदर त्वचा और अच्छी सेहत के लिए ऐसी दवाओं का सेवन डाक्टर की सलाह से व कम से कम करें.

तनाव: तनाव शरीर पर बहुत प्रभाव डालता है. जब तनाव होता है उस समय भी औयल का उत्पादन ज्यादा होता है, जिस से स्किन औयली हो जाती है.

औयली स्किन की बेसिक देखभाल

  1. एक बोतल में एकतिहाई गुलाबजल, एकतिहाई विज हैजल और एकतिहाई डिस्टिल वाटर मिलाएं. फिर बोतल को फ्रिज में रख दें. जरूरत के अनुसार त्वचा पर लगा कर फ्रैश हो जाएं.
  2. औयली स्किन वाली महिलाएं हमेशा मुंह धोने के लिए कुनकुने पानी का इस्तेमाल करें. कुनकुना पानी चेहरे पर जमी गंदगी को बेहतर ढंग से साफ करता है.
  3. औयली स्किन वाली महिलाएं नियमित रूप से त्वचा की साफसफाई करें. दिन में 2 बार पूरे फेस को अच्छी तरह साफ करें ताकि औयल कम हो सके.
  4. चेहरे पर बहुत ज्यादा स्क्रब न करें. हफ्ते में 2-3 बार ही करें.
  5. समयसमय पर नैचुरल फेस मास्क का प्रयोग करेें. यह फेश से ऐक्स्ट्रा औयल को सोख लेता है और चेहरे से हार्मफुल बैक्टीरिया को भी हटाता है.