सवाल
मेरे पति 42 साल के हैं. उन का ब्लड प्रैशर पिछले 1 साल से थोड़ा बढ़ा हुआ है. पर वे डाक्टर की बताई हुई दवा लेने के बजाय योग, नैचुरोपैथी और दूसरी चीजों को आजमाने में लगे हैं. क्या उन का दवा न लेना ठीक है? यह भी बताएं कि क्या घर में साधारण नमक इस्तेमाल करने के बजाय सेंधा नमक प्रयोग करना बेहतर होगा?

जवाब
आप ने यह स्पष्ट नहीं किया  कि आप के पति का ब्लड प्रैशर कितना बढ़ा हुआ है. यदि डाक्टर ने उन्हें दवा लेने को कहा है तो इस के माने हैं कि उन्हें दवा की जरूरत होगी ही. ऐसे में दवा न ले कर वे अपने स्वास्थ्य और अपने परिवार की खुशियों से अनावश्यक ही खेल रहे हैं. यह ठीक नहीं. उन्हें दवा लेने के लिए राजी करें ताकि बढ़े हुए ब्लड प्रैशर के कारण कोई स्थाई नुकसान न हो.

साथ ही, उन्हें प्रेरित करें कि वे ब्लड प्रैशर घटाने में प्रभावी जीवनशैली परिवर्तन भी अमल में लाएं. वजन बढ़ा हुआ है तो उसे घटाएं. नित्य सैर के लिए जाएं. कामकाज का प्रैशर घटाने का प्रयत्न करें. आहार में फास्ट फूड और प्रोसैस्ड फूड से परहेज कर प्राकृतिक भोजन पर अधिक से अधिक जोर दें.

जहां तक सेंधा नमक की बात है, यह एक भ्रांति है कि वह आम नमक से बेहतर है. असल में सेंधा नमक और आम नमक दोनों में ही सोडियम क्लोराइड होता है. फर्क सिर्फ यह है कि सेंधा नमक समुद्र के खारे पानी से नहीं बनाया जाता, बल्कि उस की खानें और शिलाएं होती हैं, जिन से उसे खोद कर निकाला जाता है. ये खानें और शिलाएं कुछ खास भोगौलिक क्षेत्रों में कुदरतन पाई जाती हैं.

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