सवाल
मेरी उम्र 35 साल है और मैं अविवाहित हूं. मेरे पीरियड्स लगभग 15 साल पहले शुरू हो गए थे. पहले 6-7 महीनों तक ये सामान्य ढंग से होते रहे, उस के बाद अनियमित हो गए. पर मैं ने ध्यान नहीं दिया. अब मेरा वजन बढ़ कर 80 किलोग्राम हो गया है, जबकि मेरी लंबाई 5 फुट 1 इंच है. अब काफी समय से पीरियड्स आने भी बंद हो गए हैं. विवाह के बाद मुझे गर्भाधान में कोई दिक्कत तो नहीं होगी?

जवाब
आप के विवरण से यह साफ है कि आप के शरीर की यौन हारमोनल प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही. हर स्त्री की देह में 1 जैविक हारमोनल घड़ी टिकटिक करती रहती है जिस के चलते हर 28-30 दिन पर उस का शरीर लयबद्घ परिवर्तनों से गुजरता है.

यह हारमोनल घड़ी तरुण अवस्था में ही चालू हो जाती है. इस की चाबी मस्तिष्क में बसी हाइपोथैलेमस और पीयूस (पिट्यूटरी) ग्रंथियों में होती है. किशोर उम्र में पहुंचते ही उन में कुछ खास किस्म के यौनप्रेरक हारमोन बनने शुरू हो जाते हैं और उन्हीं से प्रेरक सिग्नल पा कर डिंब ग्रंथियां इस्टरोजेन और प्रोजैस्टेरोन हारमोन बनाने लगती हैं. इन्हीं हारमोनों के प्रभाव से हर महीने डिंब ग्रंथियों में 1 नया डिंब मैच्योर होता है और डिंब ग्रंथि से छूट कर बाहर आता है. इसी हारमोनल हलचल के चलते महीने के आखिर में स्त्री को मासिक स्राव होता है.

आप के शरीर में यह जैविक चक्र शुरू से ही किन्हीं कारणों से अपनी लय नहीं पा सकता है. अच्छा होता कि आपके मातापिता और आप काफी पहले ही अपनी जांचपड़ताल करा लेतीं और ठीक से डाक्टरी इलाज करवाने की कोशिश करतीं. अब उस में सुधार हो पाना काफी मुश्किल दिखता है. लेकिन फिर भी आप किसी गाइनैकोलौजिस्ट की देखरेख में अपनी विधिवत जांच करवा सकती हैं.

जहां तक विवाह होने और उस के बाद प्रैगनैंसी होने का प्रश्न है, स्वाभाविक ही है कि इस सब गड़बड़ी के चलते यह इच्छा पूरी कर पाना आसान नहीं होगा. स्त्री के शरीर में समय से मासिक स्राव का होना इस बात का सूचक होता है कि उस की डिंब ग्रंथियां और उस की प्रजनन प्रणाली ठीक से काम कर रही हैं. यदि यह प्राकृतिक क्रिया ही बाधित हो तो संतान सुख की कामना पूरी कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है. फिर भी प्रजनन की नई तकनीकों की मदद से प्रयास कर के देखा जा सकता है.