सरिता विशेष

सवाल
विवाह को 20 महीने हो गए हैं. मैं अब तक गर्भधारण नहीं कर सकी हूं. डाक्टर से जांच परीक्षण कराने पर पता चला है कि मुझे पीसीओएस है. पिछले 4 महीनों से मेटफोर्मिन की गोलियां ले रही हूं. हारमोन के इंजैक्शन लेतेलेते थक गई हूं. इन से कोई लाभ नहीं हो रहा. कृपया कोई समाधान बताएं?

जवाब
पौलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम में सब से बड़ी समस्या यह होती है कि ओवरीज यानी डिंबग्रंथियों में हर माह मासिकचक्र के साथ डिंब के पकने और पीरियड के मध्य में पके डिंब के ओवरी से छूटने पर ताला सा लग जाता है. नतीजतन गर्भधारण नहीं हो पाता और बंध्यत्व की समस्या हो जाती है.

मेटफोर्मिन और गोनेडोट्रोफिन, एफएसएच, एलएचआरएच सरीखे हारमोन देने का लक्ष्य मात्र इतना है कि ओवरीज अपनी सामान्य धुरी पर लौट आएं. उन के भीतर डिंब पकने और डिंब छूटने की शारीरिक क्रिया सामान्य ढंग से होने लगे. पोलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के कारण गर्भधारण न कर पा रही 30 से 55% महिलाएं इस उपचार से लाभान्वित होती देखी गई हैं.

जिन महिलाओं में मेटफोर्मिन और हारमोनल उपचार से अपेक्षित सुधार नहीं हो पाता है उन का छोटा सा औपरेशन कर ओवरीज को सामान्य धुरी पर लौटाने का प्रयास भी किया जा सकता है.

अच्छा होगा कि आप अपने डाक्टर की देखरेख में इलाज कराएं. बहुत संभव है कि शीघ्र ही आप अपना मां बनने का सपना पूरा होते देखें. बारबार डाक्टर बदलने या किसी विज्ञापन के झांसे में आ कर इलाज बदलने से प्राय: समय और पैसा दोनों ही बरबाद होते हैं. इस नुकसान से खुद को बचा कर रखें.

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