सरिता विशेष

सवाल

मेरी मां की उम्र 70 वर्ष है. पिताजी को गुजरे कई साल हो चुके हैं. अकेलेपन से पीडि़त मां सोशल नैटवर्किंग साइट्स जौइन करना चाहती हैं ताकि उन का खाली समय व्यतीत हो सके. साथ ही, वे सोशल साइट्स के जरिए लोगों की मदद भी करना चाहती हैं. क्या ऐसा करना सही होगा, कृपया मागदर्शन करें.

जवाब

अपना अकेलापन दूर करने के लिए सोशल साइट्स जौइन करने का आप की मां का खयाल अच्छा है. ऐसा करने से न केवल उन का खालीपन व अकेलापन दूर होगा बल्कि अपने आसपास घटने वाली घटनाओं से भी वे अवगत रहेंगी. सोशल साइट्स में उन्हें अपने जैसे भी कुछ लोग मिलेंगे जो उन की जैसी स्थिति से गुजर रहे होंगे. वे एकदूसरे से अपनी भावनाएं बांट कर अपनेअपने अकेलेपन को दूर कर सकते हैं. उन्हें इस बातचीत में कुछ अच्छे व सच्चे दोस्त भी मिल सकते हैं.

सोशल साइट्स पर आप की माताजी चाहें तो अपना एक वैब पेज या ब्लौग भी बना सकती हैं जहां वे अपने जीवन के अनुभव कहानियों या कविताओं के रूप में पेश कर सकती हैं. ऐसा करने से उन्हें अपनी बात कहने का मंच मिलेगा. वे चाहें तो अपने वैब पेज पर, अगर वे कुकिंग में ऐक्सपर्ट हैं, अपने कुकिंग टिप्स या रैसिपीज भी साझा कर सकती हैं. ये सभी क्रियाकलाप उन का उत्साहवर्धन करेंगे और उन्हें जीवन जीने का एक नया आयाम मिल सकता है. लेकिन इस दौरान उन्हें सोशल साइट्स के सुरक्षा के नियमों से भी अवगत करा दें, जैसे किसी अनजान से अपनी पर्सनल जानकारी शेयर न करना, किसी से भी नजदीकी बढ़ाने से पूर्व उस के बारे में पूरी तरह जांचपरख कर लेना आदि. अगर तकनीकी क्षेत्र में बहुत ज्यादा होशियार नहीं हैं तो औनलाइन माध्यम के बजाय औफलाइन क्षेत्र में भी खुद को व्यस्त रख सकती है. किसी सामाजिक सरोकार से जुड़े एनजीओ, विधवा आश्रम या अनाथालय जैसे संस्थानों से जुड़ कर वे अपना खाली समय सार्थक कार्य में लगा सकती हैं. किसी वृद्धाश्रम या स्कूल में भी अपनी क्षमता के मुताबिक सहयोग कर सकती हैं. इस के अलावा घर में कोई सहायता समूह का भी संचालन कर के आसपास के लोगों की मदद कर सकती हैं.

 

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