सवाल
मैं 21 साल की युवती हूं. मेरे दोनों स्तनों में पिछले 5 सालों से 2-2 छोटीछोटी गांठें हैं. मैं ने डाक्टर को दिखाया तो उन का कहना है कि मुझे मैमोग्राफी करानी चाहिए. मन ही मन डरती हूं कि कहीं ये गांठें कैंसर के कारण तो नहीं हैं. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब
सामान्य रूप से 40 साल की उम्र से पहले मैमोग्राफी जांच करना उचित नहीं समझा जाता. इस का सब से बड़ा कारण यह है कि इस उम्र तक स्तन इतनी हाई डैंसिटी यानी उच्च घनत्व के होते हैं कि उन के भीतर क्या कुछ छिपा है, यह मैमोग्राफी की मदद से ठीक से जान पाना मुमकिन नहीं होता. फिर मैमोग्राफी करते समय स्तनों को विकिरण यानी रैडिएशन से भी गुजरना पड़ता है, जो अस्वास्थ्यकारी साबित हो सकता है.

आप के केस में ये गांठें 5 साल से जस की तस बनी हुई हैं. अत: इन में कैंसर होने की संभावना न के बराबर है. फिर भी अच्छा होगा कि आप किसी सुयोग्य सर्जन से अपनी जांच करा लें. यदि उन के मन में कोई शक आता है, तो वे गांठ की एफएनएसी जांच कराने के लिए कह सकते हैं.

एफएनएसी में पहले गांठ में सूई डाल कर कोशिकीय नमूना प्राप्त करते हैं, जिसे फिर पैथोलौजिस्ट सूक्ष्मदर्शी के नीचे कई हजार गुना बड़ा कर यह देखने की कोशिश करता है कि गांठ किस कारण से बनी है. उस के बाद कारण के आधार पर सर्जन उस का इलाज बता देता है.

आप की उम्र में स्तन में गांठें होने का सब से आम कारण या तो फाइब्रौयडेनोसिस या फिर फायब्रौयडेनोमा है. इन दोनों ही विकारों का इलाज कठिन नहीं है.

फाइब्रौयडेनोसिस में ब्रैस्ट को दिनरात सहारा देने से आराम मिलता है. इसीलिए डाक्टर चौबीसों घंटे ब्रेजियर पहनने की हिदायत देते हैं. विटामिन ई के कैप्सूल भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

कभीकभी हारमोनल दवाएं भी लेनी पड़ सकती हैं. फायब्रौयडेनोमा को ज्यों का त्यों छोड़ा जा सकता है, पर कुछ स्थितियों में सर्जन उसे निकालने का भी फैसला ले सकते हैं.

VIDEO : हेयरस्टाइल स्पेशल

ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTube चैनल.