कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी मौजूदा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी मार्गदर्शन करती रहेंगी. अगले सप्ताह औपचारिक रूप से राहुल के अध्यक्ष बनने के बावजूद सोनिया कांग्रेस संसदीय दल और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की अध्यक्ष बनी रह सकती हैं.

पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए राहुल गांधी के नामांकन के बाद सोनिया की अगली भूमिका को लेकर कयास लगने लगे हैं. पार्टी का एक बड़ा तबका मानता है कि मौजूदा राजनीति परिस्थितियों में सोनिया की भूमिका काफी अहम है. क्योंकि, वह लंबे वक्त से यूपीए की अगुवाई करती रही हैं. सभी पार्टियों के नेता उनका सम्मान करते हैं.

सबसे लंबे वक्त तक कांग्रेस की अध्यक्ष रही सोनिया के कांग्रेस कार्यसमिति में संरक्षक का पद इजाद करने के भी कयास लगाए जा रहे हैं. पार्टी रणनीतिकार मानते हैं कि शायद सोनिया सीधे तौर पर पार्टी के अंदर कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगी. लेकिन कांग्रेस संसदीय दल और यूपीए के अध्यक्ष के तौर हो सकता है, वह अपनी जिम्मेदारियों को अंजाम देती रहे.

इस बीच, राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद सोनिया की भूमिका क्या होगी, इस पर सीधे तौर पर कोई भी नेता बोलने को तैयार नहीं है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम समझते हैं कि उनका मार्गदर्शन हमेशा हमें मिलता रहेगा. कुछ दिन पहले पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली ने कहा था कि राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद भी सोनिया गांधी की भूमिका रहेगी. पार्टी को हमेशा उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा.

लोकसभा चुनाव से पहले यानी अगले डेढ साल में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और ओडिशा सहित 12 राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं. इसके बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में जुटी हैं. पार्टी के एक नेता ने कहा कि सोनिया के सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं. ऐसे में लोकसभा चुनाव में उनकी भूमिका अहम होगी.

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