उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लोगों को बड़ा विचित्र सा श्राप दिया है कि जो भी किसी और की रैली में जाएगा उसे पीलिया होगा. और वह राजभर यानी उन की दवाई से ही ठीक होगा. श्राप देना हर कोई जानता है कि पौराणिकवादियों का काम है जो लोगों को भगवान का डर दिखा कर अपनी दुकानदारी चमकाते रहते हैं.

ओमप्रकाश हालांकि घोषिततौर पर पीलिया की दवा नहीं बनाते हैं लेकिन उन के इस दुर्वासाई श्राप से यह बात जरूर सोचने में आती है कि उन्होंने उलटी, दस्त, वायरल, फीवर या डायबिटीज का श्राप क्यों नहीं दिया, पीलिया को ही क्यों चुना. पीलिया पीडि़तों से कई झाड़फूंक वालों की दुकानें चल रही हैं, ऐसे में उन के श्राप से बचने के लिए कई लोग प्रीपीलिया झाड़फूंक के लिए ओझाओं के पास पहुंचने लगे हैं. उत्तर प्रदेश वाकई विचित्र है जहां मंत्री कामकाज करने के बजाय श्राप दे कर सत्ता चला रहे हैं. इन्हें पीलियाश्री का पुरस्कार दिया जाना हर्ज की बात नहीं.