व्रत या उपवास एक धार्मिक कृत्य है जिसे करने वाला बेचारा व्रत के दौरान उस के टूट न जाने के भीषण तनाव में डूबा रहता है. व्रत का टूटना अनिष्ट माना जाता है. इस में दर्जनों वर्जनाएं होती हैं जिन का ईमानदारी से तो कोई भी पालन नहीं कर सकता. इस के बाद भी लोग व्रत करते हैं इस उम्मीद से कि भगवान अगर कहीं होगा, तो खुश हो कर कुछ दे न दे पर कभी नाखुश हुआ तो कुछ बिगाड़ेगा नहीं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चैत्र नवरात्रि का व्रत सप्तमी के दिन ही बूंदी के छटांक भर के लड्डू की वजह से खंडित हो गया जिस का प्रायश्चित्त अब वे न जाने कैसेकैसे करेंगे. हुआ सिर्फ इतना भर था कि भाजपा उत्तर प्रदेश की 9वीं राज्यसभा सीट भी जीत गई थी. इसी जीत की खुशी और जोश में योगी ने जीत का लड्डू जीभ पर रख लिया तो अखिलेश यादव ताना कसने से नहीं चूके कि पता नहीं योगीजी व्रत करते भी हैं या नहीं. सच क्या है, यह तो योगी ही जानें पर अखिलेश यादव शायद नहीं जानते कि नामी संतमहंतों के तो सौ व्रत माफ होते हैं.

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