परिवार में पिता की भूमिका पुत्री के लिये सहज होने लगी है. पिता अब पुरानी रूढिवादी, दकियानूसी सोच और मूछों की चिंता छोड़कर पुत्री को आगे बढ़ाने के लिये पूरी तरह से प्रयास करने लगा है. यही वजह है कि आज लड़कियों को करियर बनाने के लिये पहले से अधिक अवसर मिलने लगे हैं. यही नहीं कल तक सास बहू और परिवार का ड्रामा दिखाने वाले टीवी सीरियल भी अब अपनी सोच बदल कर पिता-पुत्री के सहज होते रिश्ते की कहानियों पर बने शो दिखाने लगे हैं. स्टार प्लस के टीवी शो ‘मेरी दुर्गा’ के लीड आर्टिस्ट विकी अहूजा कहते हैं ‘समाज की सोच बदल रही है. यह बात और है कि अभी इसको व्यापक स्तर पर बदलना बाकी है. सबसे अच्छी बात यह है कि आम परिवारों में यह सोच बदल रही है. खेतों में काम करने वाले लोग तक अपनी बेटी को पढ़ाने के लिये स्कूल भेजने का प्रयास करता है.’

बेटी के लिये पिता का सहारा बहुत अहम होता है. ‘मेरी दुर्गा’ में बेटी दुर्गा की भूमिका निभा रही अनन्या अग्रवाल कहती हैं ‘केवल पिता ही नहीं बदली बेटी भी पिता को सबसे अधिक चाहने लगी है. आज समाज में डौटर डे के साथ ही साथ फादर डे मनाने का भी प्रचलन बढ़ा है. बेटियों के लिये केवल पिता ही नहीं पिता के सपने को पूरा करना भी बहुत खास हो गया है.’ मुम्बई में पली बढ़ी अनन्या हरियाणा की रहने वाली लड़की दुर्गा की भूमिका निभा रही है. कक्षा 7 में पढ़ने वाली 12 साल की अनन्या ने अपने एक्टिंग कैरियर की शुरुआत विज्ञापन फिल्मों से की थी. उस समय वह जूनियर केजी में पढती थी.

अनन्या कहती है ‘मेरे लिये स्कूल के साथ एक्टिंग करने को काम बहुत मेहनत का नहीं लगता. मैं बड़ी आसानी से अपने काम को कर लेती हूं.’ अनन्या की मां रिंकू अग्रवाल गृहणी है और पिता रजत अग्रवाल जौब में हैं. माता पिता की अकेली बेटी अनन्या कहती हैं ‘मुझे मम्मी पापा दोनो का पूरा सहयोग मिलता है. पर मम्मी मेरे साथ शूटिंग पर भी जाती है. मेरा पूरा ख्याल रखती है.’ ड्राइंग और स्वीमिंग पसंद करने वाली अनन्या कहती है ‘मै दोस्तों के बीच वैसे ही हूं जैसे आम दोस्त होते हैं. एक्टिंग और पढ़ाई के बीच जो समय बचता है उसमें खेलते हैं’ अनन्या को दूसरे बच्चों की ही तरह चाकलेट खाने में बहुत पसंद है.