सरिता विशेष

ताराचंद बड़जात्या ने 15 अगस्त 1947 के दिन बडे़ जतन के साथ ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’ की शुरुआत की थी. उन्होंने अपने इस बैनर के तहत फिल्मों का निर्माण व वितरण किया. उनकी मौजूदगी में ही उनके बेटे राजकुमार बड़जात्या, कमल कुमार बड़जात्या, अजीत कुमार बड़जात्या भी इस कंपनी के साथ फिल्म बिजनेस में लग गए. फिर ताराचंद बड़जात्या के पोते व पोतियां भी इसी कंपनी के साथ जुड़ गए. ताराचंद बड़जात्या का यह पूरा परिवार अभी तक संयुक्त रूप से ही ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के ही तहत फिल्म व सीरियलों के निर्माण, फिल्म वितरण व अन्य फिल्म संबंधित व्यापार करता आ रहा है.

ताराचंद बड़जात्या के पोते और राज कुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या ने ‘‘मैने प्यार किया’’ से ‘‘प्रेम रतन धन पायो’’ तक कुछ फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया. तो वहीं ताराचंद बड़जात्या की पोती और कमल कुमार बड़जात्या की बेटी कविता बड़जात्या ने भी एक फिल्म ‘‘सम्राट एंड कंपनी’’ के अलावा कुछ सीरियलों का निर्माण ‘राजश्री प्रोडक्शन’ के ही बैनर तले किया. अब तक फिल्म हो या सीरियल का निर्माण हो, पूरा परिवार एक साथ नजर आता था. लेकिन इन दिनों बौलीवुड में इस परिवार के अंदर विघटन की शुरूआत की खबरें काफी गर्म हैं.

सूत्रों के अनुसार सूरज बड़जात्या और कविता बड़जात्या के बीच रचनात्मक मतभेद इस कदर बढ़ चुके हैं कि दोनों ने अलग अलग राह पकड़ ली है. सूत्रों की माने तो कविता बड़जात्या को अपने चचेरे भाई सूरज बड़जात्या की दखलंदाजी बिलकुल रास नहीं आ रही है. इसी के चलते उन्होंने अपनी एक अलग प्रोडक्शन कंपनी ‘‘कविता बड़जात्या प्रोडक्शंस’’ की शुरुआत करते हुए  नए सीरियल ‘‘एक रिश्ता साझेदारी का’’ का निर्माण अपनी इस नई कंपनी के तहत कर रही हैं, जिसका प्रसारण बहुत जल्द शुरू होने वाला है.

इतना ही नहीं अब तक कविता बड़जात्या प्रोडक्शन का सारा काम ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के मुंबई में प्रभादेवी इलाके में स्थित आफिस से ही किया करती थी. लेकिन अब उन्होंने अपनी कंपनी के लिए मुंबई के उपनगर कांदीवली में आफिस खोलकर वहीं से सारा काम शुरू कर दिया है. अब वह प्रभादेवी स्थित ‘राजश्री प्रोडक्शन’ के आफिस भी नहीं जाती हैं. इसी के चलते बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि ‘राजश्री’ परिवार में विघटन शुरू हो गया है.

मगर खुद कविता बड़जात्या इन खबरों का खंडन करते हुए एक वेबसाइट से बातचीत करते हुए कहा है-‘‘मुझे नई चीजें करने की चुनौती स्वीकार करने में आनंद आता है. इसलिए मैने अपनी नई कंपनी शुरू की है. उसी नई कपंनी के तहत मैं अपना नया सीरियल बना रही हूं. मगर यह कहना गलत है कि मेरे व सूरज जी के बीच मतभेद हैं. हम भाई बहनों के बीच कोई मतभेद, गलतफहमी नहीं है. हम सब एक हैं. हमारा पूरा परिवार एक साथ है. मैं अभी भी ‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के निदेशकों में से एक निदेशक हूं.’’