लगभग डेढ़ साल पहले अक्षरा हासन से उनकी पहली फिल्म ‘‘शमिताभ’’ के प्रदर्शन से पहले मुलाकात हुई थी, उस वक्त अक्षरा हासन के साथ हमारी करीबन एक घंटे बातचीत हुई थी और तब अक्षरा हासन ने अपने दर्द को भी बयां किया था. उस वक्त वह हमारे साथ बहुत अच्छे ढंग से पेश आयीं थीं. इस फिल्म की असफलता के बाद वह एक आध फिल्म में नजर आयीं. अब उनकी दूसरी फिल्म ‘‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’’ प्रदर्शित होने वाली है. जिसमें कोई बड़ा स्टार कलाकार नहीं है. बल्कि उनके साथ नसिरूद्दीन शाह के बेटे विवान शाह हैं, जिनकी अपनी कोई पहचान नहीं बन पायी है. यानी कि अब तक अक्षरा हासन के करियर में ऐसा कुछ नहीं हुआ है, जिससे उनका दिमाग खराब हो. मगर अक्षरा हासन को लेकर जिस तरह की खबरें आ रही हैं, वह चैंकाने वाली हैं. इन खबरों से तो यही जाहिर होता है कि वह स्टार कलाकार से भी बड़ी अदाकारा की तरह व्यवहार करने लगी हैं.

सूत्रों के अनुसार दो दिन पहले फिल्म ‘‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’’ के प्रचार के लिए फिल्म की पी आर ने कुछ पत्रकारों के साथ अक्षरा हासन के इंटरव्यू रखे थे. सूत्रों के अनुसार उस दिन अक्षरा हासन ने पत्रकारों के सामने ही फिल्म के वितरक सनी खन्ना के साथ तेज आवाज में बहस की और कह दिया कि वह शाम छ: बजे के बाद पत्रकारों को इंटरव्यू देने के लिए नहीं रूक सकती. सूत्रों के अनुसार छ: बजने पर एक पत्रकार वहां पर मौजूद था, जो कि अक्षरा का इंटरव्यू लेना चाह रहा था. मगर छ: बजते ही अक्षरा अपने घर के लिए चल दी. इस पर सनी खन्ना ने उनसे रूकने के लिए कहा, तो अक्षरा ने तेज आवाज में सनी खन्ना से कहा कि, ‘‘आपको समझ में नहीं आता कि मेरी तबियत ठीक नहीं है, फिर भी मैंने इतना समय दिया. अब यदि आप और फिल्म की पी आर ने सब कुछ सही ढंग से व्यवस्था नहीं की, तो मुझे क्यों दोष दे रहे हैं. आपको मेरे स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए.’’ अक्षरा जब सनी खन्ना से बात कर रह थी, तो उस वक्त वहां मौजूद पत्रकार ने अक्षरा को टोका, तो अक्षरा ने उससे कहा कि मैं आपसे कुछ नहीं कह रही हूं. इसलिए उसे बीच में नहीं बोलना चाहिए. बहरहाल, सनी खन्ना से बहस खत्म होने के बाद अक्षरा हासन ने उस पत्रकार के साथ बैठकर आराम से बात की और उसके बाद वह अपने घर के लिए रवाना हुई.

इस मसले पर जब हमने जांच पड़ताल की, तो अक्षरा हासन के नजदीकी लोगो के अनुसार फिल्म की पी आर बहुत गलत ढंग से पेश आ रही है. अक्षरा के करीबी का मानना है कि फिल्म की प्रचारक खुद को किसी स्टार से कम नहीं समझती है. वह गलत ढंग से बातों को रखती है. उसे पता था कि अक्षरा हासन की तबियत ठीक नहीं है, फिर भी वह फिल्म के प्रचार के लिए पत्रकारों के संग बात कर रही थी, तो उसे उस दिन उसी तरह से व्यवस्था करनी चाहिए थी. फिर अक्षरा ने वहां मौजूद हर पत्रकार से बात की, पर पी आर और फिल्म वितरक सनी खन्ना ही गलत व्यवहार कर रहे थे. अब सच क्या है, पता नहीं.