सरिता विशेष

बौलीवुड में हर शुक्रवार कलाकार  की तकदीर बदलती है. इस शुक्रवार ‘अकीरा’ के प्रदर्शन के बाद बौलीवुड में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वास्तव में सोनाक्षी सिन्हा में अभिनय के गुण नहीं है? ‘दबंग’से करियर की शुरूआत करने वाली सोनाक्षी सिन्हा की हालिया प्रदर्शित फिल्म ‘‘अकीरा’’ के बाक्स आफिस पर बुरी तरह से मुंह के बल गिरने के बाद इस तरह की चर्चाएं काफी जोर पकड़ रही हैं. फिल्म ‘‘अकीरा’’ बाक्स आफिस पर शनिवार व रविवार की छुट्टी के दिन भी कमाई नहीं कर पायी, जबकि इस बार इस फिल्म के साथ एक भी ऐसी फिल्म प्रदर्शित नहीं हुई है, जो कि ‘अकीरा’ को टक्कर दे सकती हो. यदि ‘अकीरा’ के सामने कोई अच्छी फिल्म प्रदर्शित हुई होती, तो शायद ‘अकीरा’ के लिए मुसीबतें बढ़ जाती. यही वजह है कि ‘अकीरा’ की असफलता के लिए लोग पूरी तरह से सोनाक्षी सिन्हा को ही दोषी मान रहे हैं.

यूं भी सोनाक्षी सिन्हा के करियर पर यदि गौर किया जाए, तो एक बात साफ तौर पर नजर आती है कि सोनाक्षी सिन्हा के अभिनय से सजी ‘दबंग’, ‘दबंग 2’ या ‘राउडी राठौड’ जैसी जो फिल्में सफल हुई हैं, उन फिल्मों की सफलता का श्रेय भी सोनाक्षी सिन्हा की बजाय इन फिल्मों के हीरो सलमान खान या अक्षय कुमार को ही जाता है. सोनाक्षी सिन्हा के अभिनय से सजी फिल्म ‘लुटेरा’ में जरुर सोनाक्षी सिन्हा के अभिनय की तारीफ हुई थी, पर इस फिल्म ने भी बाक्स आफिस पर कुछ खास व्यापार नहीं किया था. मगर अब फिल्म आलोचकों के साथ साथ बौलीवुड के तमाम लोग मान रहे हैं कि ‘अकीरा’ में तो सोनाक्षी ने अपने करियर का सबसे ज्यादा स्तरहीन अभिनय किया है. 2010 से 2016 तक सोनाक्षी सिन्हा की लगभग 14 फिल्में प्रदर्शित हुई हैं, जिनमें से ‘जोकर’, ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई दोबारा’, ‘बुलेट राजा’, ‘आर राजकुमार’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘लिंगा’, ‘तेवर’ के बाद अब ‘अकीरा’ असफल फिल्में रही है. 2012 के बाद यदि ‘हॉलीडेः ए सोल्जर नेवर आफ ड्यूटी’’ को नजरंदाज कर दें, तो अब तक सोनाक्षी सिन्हा की सभी फिल्में असफल हैं.

बौलीवुड में कुछ फिल्मकार कुछ कलाकारों को लक्की मानकर अपनी फिल्म में उस कलाकार से गेस्ट अपियरेंस करवाते हैं. मगर सोनाक्षी सिन्हा ने जिन चार फिल्मों मे गेस्ट अपियरेंस यानी कि मेहमान कलाकार की भूमिका निभायी या खुद नजर आयीं, उन सभी फिल्मों की बाक्स आफिस पर दुर्गति हुई. ऐसी फिल्मों में ‘‘ओह माई गॉड’, ‘हिम्मत वाला’, ‘‘बॉस’’ और ‘आल इज वेल’’ का समावेश है. सूत्रों की माने तो अब बौलीवुड में लोगों ने सोनाक्षी सिन्हा के लिए गाना गुनगुनाने लगे है -‘‘हम तो डूबेंगे सनम, तुम्हे भी ले डूबेंगे…’’

‘‘अकीरा’’ की असफलता ने दक्षिण भारत के अति सफल और चर्चित फिल्मकार ए मुरूगादास के करियर पर भी असफलता का दाग लगा दिया है. इससे ए मुरूगादास भी चिंतित हैं. सूत्र बता रहे है कि अब ए मुरूगादास उस दिन को कोस रहे हैं, जब उन्होने सोनाक्षी सिन्हा के पिता शत्रुघ्न सिन्हा के दबाव में आकर फिल्म को हीरो प्रधान से हीरोईन प्रधान बनाया था. जबकि ए मुरूगादास के कई शुभ चिंतको ने उनसे कहा था कि वह बहुत बड़ी गलती करने जा रहे हैं. वास्तव में ‘अकीरा’, ए मुरूगादास की सफलतम तमिल फिल्म ‘‘मौना गुरू’’ का हिंदी रीमेक है. तमिल फिल्म ‘‘मौना गुरू’’ में कहानी हीरो प्रधान है.

सोनाक्षी सिन्हा ने जितनी फिल्में अजय देवगन के साथ की,उन सभी फिल्मों ने बाक्स आफिस पर पानी नहीं मांगा. मगर सोनाक्षी सिन्हा ने सलमान खान के साथ ‘‘दबंग’’ और ‘‘दबंग 2’’ की, इन दोनों ही फिल्मों ने बाक्स आफिस पर जबरदस्त कमायी की. अब सोनाक्षी सिन्हा चाहती हैं कि वह ‘‘दबंग 3’’ का हिस्सा बन जाए, मगर ‘‘दबंग 3’’ के निर्माता सोहेल खान और सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा की असफल फिल्मों की सूची देखते हुए अब उन्हे ‘दबंग 3’ का हिस्सा बनाने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं.

उधर ‘अकीरा’ की असफलता के बाद एक्शन प्रधान फिल्म ‘‘फोर्स 2’’ के निर्माताओं की धड़कने भी तेज हो गयी हैं. सूत्र बता रहे हैं कि अब इस फिल्म के निर्माता फिल्म की पटकथा में कुछ बदलाव करने पर विचार करने लगे हैं. तो दूसरी तरफ  फिल्म ‘‘फोर्स 2’’ में अभिनय कर रहे अभिनेता जॉन अब्राहम ने सोनाक्षी सिन्हा के अभिनय की तारीफ में बयान जारी किया है, जिसका कुछ लोग मजाक भी उड़ा रहे हैं.

उधर बौलीवुड के कुछ बिचौलिए तो सोनाक्षी सिन्हा को बिजनेस मैनजर, निजी पीआर बदलने से लेकर फिल्मों के चयन का तरीका बदलने सहित कई तरह की सलाह देने लगे हैं. अब तो लोग खुलकर  कहने लगे हैं कि सोनाक्षी सिन्हा को बंटी सचदेव के साथ अपने रोमांस की खबरों को हवा देने की बजाय अपनी अभिनय क्षमता को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए. इतना ही नही अब तो लोग कह रहे हैं कि सोनाक्षी को हर हाल में ‘दबंग 3’ का हिस्सा बनने का प्रयास करना चाहिए. अब यह समय बताएगा कि सेनाक्षी सिन्हा अभी कुछ सबक लेती हैं या नहीं..