सरिता विशेष

उरी आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने का मुद्दा उठने के बाद से बौलीवुड दो खेमो में बंट हुआ है. महेश भट्ट, हंसल मेहता, अनुराग कश्यप, सलमान खान सहित कुछ लोग कलाकारों के बैन के खिलाफ हैं. इनकी राय में कला व कलाकार को देश की सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता.

कुछ दिन पहले श्याम बेनेगल ने कहा था-‘‘इस मुद्दे पर मेरी कोई राय नही हैं. यह कलाकार भारत में इसलिए हैं क्योंकि इन्हे भारतीय निर्माताओं ने बुलाया है और भारत सरकार ने इन्हें वीजा दिया. यदि वह अपनी सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, तो इन्हे वापस चले जाना चाहिए. वह यहां कलाकार के तौर पर आए हैं, इसलिए मुझे उनके वापस चले जाने को कहने का कोई हक नहीं बनता.’’ श्याम बेनेगल के इस बयान को हर कोई मानकर चल रहा है कि श्याम बेनेगल पाकिस्तानी कलाकारों के पक्ष में हैं. पर हकीकत में उनके लिए भी देश पहले है.

कल बौलीवुड में चर्चा गर्म हुई कि श्याम बेनेगल अब पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान को लेकर भारत व पाक के बीच अच्छे संबंध बनाने के लिए एक फिल्म ‘‘ये रास्ते हैं प्यार’’ का निर्माण करने जा रहे हैं, जिसके निर्देशक हर्षनारायण हैं. इसमें फवाद खान एक म्यूजीशियन के किरदार में होंगे.

इस खबर के उड़ते ही हमने श्याम बेनेगल से बात की, तो पता चला कि यह खबर पूरी तरह से बेबुनियाद है. श्याम बेनेगल को मेरा प्रश्न सुनकर हंसी आ गयी. उन्होंने कहा कि वह ऐसी कोई फिल्म नहीं बना रहे हैं.

जी हां! श्याम बेनेगल कहते हैं-‘‘मैं भारत व पाकिस्तान के बीच शांति की बात करने वाली फिल्म का निर्माण क्यों करुं? हकीकत में यह हर्ष नारायण नामक एक युवक  की बदमाशी है, जो कि प्रचार के लिए मेरा नाम उपयोग कर रहा है. पर मैं ऐसी कोई फिल्म नहीं बना रहा. यह मूर्ख इंसान है. वह कभी मुझसे मिला था और मैंने उससे साफ तौर पर कहा था कि इस तरह के विषय में मेरी कोई रूचि नहीं है. फिर उसने कहा था कि वह फिल्म के लिए आर्थिक मदद जुटाने के लिए मेरा नाम फिल्म के साथ जोड़ना चाहता है. मैंने उसे मना कर दिया था. पर मुझे यकीन नहीं था कि वह हमारे बीच हुई इस बातचीत के बाद इस तरह से मेरे नाम का उपयोग करेगा. जब बाजार में यह खबर आयी, तो हमने उससे कहा कि वह सामने आकर इस खबर का खंडन करे, पर वह अब तक चुप है. देखिए, जब किसी विषय में मेरी रूचि होती है, तो उस पर मैं स्वयं पटकथा लिखता हूं. मैं दूसरे की लिखी पटकथा पर कभी फिल्म नहीं बनाता. पर यह हर्ष नारायण जो एक खास तरह की फिल्म बनाने के लिए मरा जा रहा है, उसने मेरी ‘गुडविल’ को गलत तरीके से उपयोग किया है.’’