सरिता विशेष

वक्त वक्त की बात है. आज ईलियाना डिक्रूजा अभिनेता अक्षय कुमार और निर्माता नीरज पांडे की तारीफों के पुल बांधते हुए नहीं थक रही हैं. जबकि यही ईलियाना डिक्रूजा ने कुछ वर्ष पहले अक्षय कुमार के साथ नीरज पांडे की फिल्म ‘‘स्पेशल  26’’ करने से साफ इंकार कर दिया था.

जी हां! दक्षिण भारत की 11 सफल फिल्में करने के बाद फिल्म ‘बर्फी’ से बौलीवुड में कदम रखने वाली ईलियाना डिक्रूजा फिल्म ‘‘बर्फी’’ को मिली अपार सफलता से हवा में उड़ रही थी. उसी वक्त फिल्मकार नीरज पांडे ने ईलियाना डिक्रूजा को अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘‘स्पेशल 26’’ करने का आफर दिया था, लेकिन कहानी सुनने के बाद ईलियाना ने मना कर दिया था. ईलियाना के मना करने के बाद ‘‘स्पेशल 26’’ में अक्षय कुमार के साथ रकाजल अग्रवाल ने अभिनय किया था.

लेकिन जब ईलियाना की फिल्म ‘‘हैप्पी एंडिंग’’ बाक्स आफिस पर असफल हो गयी और ईलियाना के पास कोई काम नही था, तब ईलियाना ने निर्माता नीरज पांडे की नवोदित निर्देशक टीनू सुरेश देसाई की फिल्म ‘रूस्तम’ करने के लिए तैयार हो गयी, जिसमें उनके हीरो अक्षय कुमार हैं. आज की तारीख में वह ‘रूस्तम’ के कारण ही सुर्खियों में हैं.

मगर ईलियाना यह नहीं मानती हैं कि उन्होंने फिल्मों की असफलता के चलते ‘रूस्तम’ अनुबंधित की. वह कहती हैं-‘‘कुछ वर्ष पहले नीरज पांडे ने ही मुझे अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘‘स्पेशल छब्बीस’’ का आफर दिया था. मैने इस फिल्म की कहानी सुनी थी. पर फिल्म में मेरा किरदार न सिर्फ छोटा था, बल्कि उसकी फिल्म की कहानी में कोई अहमियत नहीं थी, इसलिए मैने ‘स्पेशल छब्बीस’’ करने से मना कर दिया था. एक कलाकार के तौर पर मैं स्वार्थी जो ठहरी. मैं कुछ बड़ा करना चाहती थी.

उसके बाद जब नीरज पांडे को लगा कि ‘रूस्तम’ का किरदार मेरी पसंद का हो सकता है, तो उन्होंने मुझे फिर से याद किया. इस बार कहानी व किरदार दोनों ने मुझे प्रभावित किया. सच कह रही हूं मैं बहुत चूजी हूं. मैं महज फिल्म में अभिनय करने के लिए कोई भी फिल्म नहीं कर सकती. मैं अपने आपको भाग्यशाली मानती हूं कि मैने इंतजार किया. यदि मैं कोई दूसरी फिल्म कर लेती, तो शायद मैं ‘रूस्तम’ का हिस्सा न बन पाती.’’

फिल्म ‘‘रूस्तम’’ के अपने किरदार की चर्चा करते हुए ईलियाना कहती हैं-‘‘फिल्म की कहानी पचास के दशक की है. एक लड़की सिंथिया लंदन से मुंबई आती है, जिसकी शादी रूस्तम से हो जाती है. उसके लिए यह एक बहुत ही अलग संसार होता है. अपनी वैवाहिक जिंदगी में वह कुछ गलत कदम उठा लेती है. मुझे यह किरदार काफी चुनौतीपूर्ण लगा. फिल्म शुरू होने पर दर्शकों को अहसास होगा कि यह किरदार काफी निगेटिव है, पर अंततः वह पाजीटिव होता है. एक ऐसे किरदार को निभाना, जो नकारात्मक से सकारात्मक साबित हो जाए, सबसे बड़ी चुनौती थी.’’