कुछ समय पूर्व हमने ‘‘सरिता’’ पत्रिका में ही बताया था कि अभिनेत्री रिचा चड्ढा इन दिनों एक एनजीओ के साथ मिलकर ह्यूमन ट्रैफींकिंग में फंसी व सैक्स गुलाम  नाबालिग लड़कियों के पुनरुद्धार का काम कर रही हैं. रिचा चड्ढा ने फिलहाल पंद्रह लड़कियों को मुंबई में एक मकान रहने के लिए किराए पर लिया है. इन्हे मुफ्त में खाने पीने की सुविधा देने के साथ साथ इनके बेहतर भविष्य के लिए वह इन्हे तकनीकी शिक्षा भी दिला रही हैं. इन 15 लड़कियों पर दो साल में करीबन 12 लाख रूपए का खर्च आने का अनुमान है. इस धनराशि को इकट्ठा करने के लिए रिचा चड्ढा ने एक माह से एक मुहीम चलायी हुई है. पर उन्हे अभी तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल पायी है. इसलिए अब रिचा चड्ढा ने कुणाल कपूर की संस्था ‘‘केट्टो’’ से हाथ मिलाया है.

कुणाल कपूर की संस्था केट्टो आनलाइन डोनेशन एकत्रित कर लोगों की मदद करती रहती है. सूत्रों के अनुसार कुणाल की संस्था केट्टो अब तक उड़ीसा के लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में योगदान देने के अलावा कौशिक नामक महिला के इलाज के लिए लगभग सात लाख रूपए, एक गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा के लिए लगभग तीन लाख रूपयों सहित कई अन्य जरुरतमंद लोगो की मदद के डोनेशन एकत्रित करने के अलावा क्राउड फंडिंग कर चुकी है.

रिचा चड्ढा कहती हैं-‘‘मैं हमेशा सेाचती रहती थी कि जब मै थोड़ी बहुत शोहरत बटोर लूंगी, तो मैं उन मुद्दो को लेकर काम करुंगी, जिन पर मुझे यकीन है. मेरे लिए एक कलाकार के रूप में यह विस्तारित काम ही है. इसे आप मेरी फिलासफी कह सकते हैं. जब मुझे पता चला कि एक एनजीओ ने मुंबई में सैक्स गुलाम रही लड़कियों को उनके बंधकों से छुड़वाया है, तो मैं इन लड़कियों से मिलने गयी और इनकी दर्दभरी दास्तान सुनकर मुझे दुःख हुआ. तब मैने उस एनजीओ के साथ मिलकर इन लड़कियों के पुनरुद्धार का काम अपने हाथ में लिया. हमने 15 लड़कियों के रहने के लिए मुंबई के अंधेरी इलाके में एक बंगलानुमा मकान किराए पर लिया है. अब मैं इनके मुफ्त में रहन सहन, कपड़े, खाने पीने के अलावा इन्हे शिक्षा दिलाकर इन्हे दो साल के अंदर आत्मनिर्भर बनाना चाहती हूं. इसी के लिए धन जमा करने में लगी हुई हूं. मैने अपने इस मकसद में कुणाल कपूर से भी मदद मांगी है.’’

केट्टो संस्था के संचालक और अभिनेता कुणाल कपूर कहते हैं-‘‘यह सुखद है कि अब फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ लोग इस तरह के मुद्दों पर आगे आ रहे हैं. फिल्म इंडस्ट्री के प्रभावशाली लोग जब इस तरह के मुद्दों के साथ जुड़ रहे हैं, तो इसके सकारात्मक परिणाम ही आने हैं. उम्मीद करता हूं कि रिचा चड्ढा का यह कदम बौलीवुड के दूसरी हस्तियों को भी इस तरह के काम को करने के लिए प्रेरित करेंगी. रिचा चड्ढा इस तरह के मिशन पर चलने पर सही मायनों मे एक साहसी महिला हैं.’’