सरिता विशेष

‘मस्त मस्त गर्ल के रूप में मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन ने बलात्कार जैसे घृणित अपराध पर आधारित फिल्म ‘‘मातृ’’ से वापसी की है. अपनी वापसी की इस फिल्म को प्रमोट करने के लिए वह अकेले ही मेहनत करती रहीं. अब ऐसा फिल्म निर्माता की तरफ से किसी योजना के तहत किया गया अथवा दूसरे कलाकारों ने निर्माता के र्दुव्यवहार के चलते फिल्म को प्रमोट करने से मना कर दिया, इसकी ठोस जानकारी नहीं मिल पायी. मगर रवीना टंडन ने टीवी रियालिटी शो ‘‘सबसे बड़ा कलाकार’’ की शूटिंग के साथ ही समय निकालकर फिल्म ‘‘मातृ’’ को प्रमोट करती रहीं. मगर अफसोस की बात यह है कि रवीना टंडन की यह मेहनत रंग ना ला सकी. फिल्म ‘मातृ’ को दर्शकों ने नकार दिया है.

21 अप्रैल को प्रदर्शित फिल्म ‘‘मातृ’’ ने शुक्रवार को 40 लाख, शनिवार को 40 लाख और रविवार को 44 लाख यानी कि तीन दिन उर्फ वीकेंड पर महज एक करोड़ 24 लाख ही कमा सकी. सूत्र दावा कर रहे हैं कि 350 सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई ‘मातृ’ के निर्माता को अब सिनेमाघरों का किराया भी अपनी जेब से देना पड़ सकता है.

फिल्म ‘मातृ’ की असफलता के लिए लोग अब रवीना टंडन को ही दोष दे रहे हैं. बौलीवुड के  बिचौलियों का दावा है कि रवीना टंडन की परवरिश फिल्मी माहौल में हुई. उनके पति मशहूर फिल्म वितरक हैं. उनके पिता मशहूर व सफल फिल्म निर्देशक रहे हैं, इसके बावजूद उन्होंने क्या सोचकर अपनी वापसी वाली फिल्म के रूप में फिल्म ‘‘मातृ’’ को चुना? आखिर रवीना को इस फिल्म की पटकथा में गड़बड़ी क्यों नजर नहीं आयी.

तो वहीं कुछ सूत्र रवीना की इस बात को लेकर आलोचना कर रहे हैं कि उन्हे अपनी वापसी की फिल्म पर पूरा ध्यान देना चाहिए था और इस फिल्म के प्रदर्शन तक टीवी के रियालिटी शो से दूरी बनाए रखना चाहिए था. इससे वह फिल्म को ज्यादा बेहतर ढंग से प्रमोट कर पाती. फिर उन्हे पत्रकारों के सामने समायभाव का रोना न रोना पड़ता. तीसरी कमी यह रही कि रवीना टंडन ने इस बात पर गौर ही नहीं किया कि फिल्म में कहां कमी है. वह तो प्रमोशन के दौरान पत्रकारों के सामने नेताओं की तरह बलात्कार के मुद्दे पर बातें करती रहीं. जबकि फिल्म बलात्कार और नारी शोषण के मुद्दे से भटकी हुई है. बहरहाल, फिल्म में कहानी, पटकथा व निर्देशन के स्तर पर इतनी कमियां हैं कि बाक्स आफिस पर फिल्म के साथ ऐसा होना स्वाभाविक ही है.