सरिता विशेष

फिल्मकार राम गोपाल वर्मा पिछले काफी समय से असफलता का स्वाद चखते आ रहे हैं. पर अब वह हर हाल में सफलता के पायदान को छूना चाहते हैं. इसीलिए अब वह अपनी सफलतम फिल्म ‘‘सरकार’’ फ्रेंचाईजी का तीसरा सिक्वल ‘‘सरकार 3’’ बनाने जा रहे हैं.

‘‘सरकार 3’’ में मुख्य भूमिका निभाने के लिए राम गोपाल वर्मा ने ‘सरकार’ के सरकार यानी कि अमिताभ बच्चन को अनुबंधित किया है. मगर वह ‘सरकार 3’ को सफलता की बुलंदियों पर पहुंचाने के हर तिकड़म भिड़ा रहे हैं.

इसी के चलते राम गोपाल वर्मा ने अपनी 1998 की सफलतम फिल्म ‘‘सत्या’’ के भीखू म्हात्रे यानी कि मनोज बाजपेयी को भी अमिताभ बच्चन के  साथ काम करने के लिए ‘‘सरकार 3’’ से जोड़ा है.

राम गोपाल वर्मा के इस कदम पर बौलीवुड के सूत्रों का मानना है कि राम गोपाल वर्मा ने मजबूरी में दुश्मन के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है.

राम गोपाल वर्मा को लग रहा है कि अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी की जोड़ी उनके लिए लक्की साबित होगी. इससे पहले अमिताभ बच्चन और मनोज बाजपेयी ‘अक्स’,‘आरक्षण’ और ‘सत्याग्रह’ जैसी सफल फिल्में एक साथ कर चुके हैं.

मनोज बाजपेयी को बौलीवुड में पहचान दिलाने का श्रेय भी राम गोपाल वर्मा निर्देशित फिल्म ‘‘सत्या’’ को ही जाता है. मनोज बाजपेयी ने उसके बाद राम गोपाल वर्मा के साथ ‘कौन’ व ‘शूल’ की थी.

मगर राम गोपाल वर्मा के साथ मनोज बाजपेयी के संबंध 2002 में उस वक्त खराब हो गए थे, जब मनोज बाजपेयी ने रजत मुखर्जी के निर्देशन में ‘रोड’ फिल्म की थी. इस फिल्म के राम गोपाल वर्मा केवल निर्माता थे.

सूत्रों की माने तो ‘रोड’ के बाद राम गोपाल वर्मा ने कई फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया, मगर उन्होने मनोज बाजपेयी से दूरी बनाकर रखा. यदि ‘सरकार’को छोड़ दें, तो राम गोपाल वर्मा की ज्यादातर फिल्में बाक्स आफिस पर बुरी तरह से असफल रहीं.

बहरहाल,अब पूरे 15 वर्ष बाद राम गोपाल वर्मा ने मनोज बाजपेयी के साथ हाथ मिलाने का निर्णय लिया है. अब लोग इसे मजबूरी में दुश्मन को गले लगाना कहें या फिर ‘प्यार व व्यापार में सब जायज’ कहें.