इन दिनों बालीवुड में हीरो और हीरोईन की पारिश्रमिक राशि में जो लंबा चौड़ा अंतर है, उसके खिलाफ धीरे धीरे सभी सफल हीरोइनों ने मोर्चा खोल दिया है. सभी का मानना है कि अब वह बराबरी के युग में जी रही हैं. ऐसे में एक ही फिल्म में काम करने के लिए पुरुष कलाकार को महिला कलाकार के मुकाबले कई गुना ज्यादा पारिश्रमिक राशि क्यों दी जाती है? जब बालीवुड में यह आवाज तेज होती जा रही हो, तो फिर भला बंगला फिल्मों की स्टार और हिंदी में भी सफल अदाकारा राइमा सेन कैसे चुप रहें.

पारिश्रमिक राशि की बात चलने पर राइमा सेन कहती हैं-‘‘सब को एक समान पारिश्रमिक राशि मिलनी चाहिए. बंगाल में तो नारी प्रधान फिल्में बनती हैं, इसके बावजूद वहां भी हीरो को ज्यादा पैसे मिलते हैं. फिल्म की सफलता में पुरुष व नारी दोनो कलाकारों का योगदान होता है. बंगाल में कोई कुछ नहीं कहता. वैसे मुझे हीरो के समान पैसा मिल जाता है. इसके अलावा बंगाल में बहुत ज्यादा पैसा नहीं है. जबकि मुंबई में बहुत पैसा है.’’

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