सरिता विशेष

शायद प्रियंका चोपड़ा अब उस दिन को कोस रही होंगी, जिस दिन उन्होने अपनी फिल्म प्रोडक्शन  कंपनी ‘‘पर्पल पेबल पिक्चर्स’’ के तहत भोजपुरी फिल्म ‘‘बम बम बोल रहा काशी’’ के निर्माण का निर्णय लिया था. आम्रपाली दुबे और दिनेशलाल यादव उर्फ निरहुआ के अभिनय से सजी प्रियंका चोपड़ा की यह फिल्म 10 जून को बिहार व उत्तर प्रदेश के  कुछ हिस्सों में रिलीज हो चुकी है.

फिल्म के रिलीज के दिन से भोजपुरी समाज, भोजपुरी भाषा और संस्कृति को तहत नहस करने के आरोप प्रियंका चोपड़ा पर लगातार लग रहे हैं. मगर बुधवार का दिन तो प्रियंका चोपड़ा के लिए नई मुसीबत लेकर आ गया. अब वह कानूनी विवादों में फंस गयी हैं.

वास्तव में बुधवार, 15 जून  को प्रियंका चोपड़ा के खिलाफ गीतकार नीरज सिंह ने अदालत के दरवाजे पर दस्तक दे दी. जिसके चलते अब प्रियंका चोपड़ा कानूनी विवाद में फंस गयी हैं. जिसका असर उनके करियर पर पड़ना लाजमी है.

2002 में ‘‘बम बम बोल रहा काशी’’ नामक धार्मिक संगीत अलबम बाजार में ला चुके बनारस के गीतकार नीरज सिंह ने 15 जून को प्रियंका चोपड़ा सहित फिल्म ‘‘बम बम बोल रहा काशी’’ से जुड़े सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई दूसरी धाराओं में अदालत में याचिका दायर की है. नीरज ने बनारस के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष प्रियंका चोपड़ा पर अपने अलबम के टाइटल की चोरी का आरोप लगाया. जिस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने सुनवाई करने के लिए 4 जुलाई की तारीख तय की है.

नीरज सिंह ने प्रियंका चोपड़ा के अलावा फिल्म की निर्माता मधु चोपड़ा, अभिनेत्री आम्रपाली दुबे, अभिनेता दिनेशलाल यादव उर्फ निरहुआ व निर्देशक संतोष मिश्रा के खिलाफ 419, 420, 467, 468, 471 धाराओं के साथ ही कॅापीराइट एक्ट के तहत भी मुकदमा दज कराया है. इस मसले पर हमने प्रियंका चोपड़ा का पक्ष जानने का प्रयास किया, पर उनसे बात नहीं हो पायी.